नब्बे के दशक में पूर्व मुख्यमन्त्री शान्ता कुमार द्वारा निकाली गई अधिकार यात्रा
पालमपुर,रिपोर्ट नेहा धीमान
प्रवीन कुमार पूर्व विधायक ... अगर राजस्व घाटा अनुदान (आर डी जी ) पर वाक्य ही हमारा हक है तो माननीय मुख्यमन्त्री श्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू जी पूर्व मुख्यमन्त्री श्री शान्ता कुमार जी की नब्बे के दशक की एतिहासिक अधिकार यात्रा की प्रेरणा लेकर उसका अनुसरण करें। यह प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा नब्बे के दशक में किस तरह शान्ता कुमार जी ने पार्टी के पदाधिकारियों व पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधियों को साथ लेकर दिल्ली के दरबार में अलख जगाया था।
तमाम हिमाचल की जनता इसकी साक्षी है। पूर्व विधायक ने कहा उस वक्त भाजपा मण्डल पालमपुर के पदाधिकारी एवं ग्रांम पंचायत दरंग के प्रधान के नाते वह भी श्री शान्ता कुमार जी की इस एतिहासिक अधिकार यात्रा में शामिल हुए थे । उस वक्त केन्द्र में कांग्रेस पार्टी की श्री पी वी नर सिम्हाराव जी की सरकार थी । प्रवीन कुमार ने संस्मरण सांझा करते हुए कहा इस अधिकार यात्रा में रात्रि ठहराव दिल्ली के दौरान किस तरह मच्छरों ने पूरी रात आक्रमण कर हम सभी का खून चूसा था ऐसे में यह अधिकार यात्रा कभी भूलने वाली नहीं है । पूर्व विधायक ने कहा यह उसी का नतीजा है कि आज हिमाचल प्रदेश सरकार को अधिकार यात्रा के एवज़ में करोड़ों रुपये की सालाना रॉयल्टी मिलती है। पूर्व विधायक ने मुख्यमन्त्री श्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू जी का ध्यान उपरोक्त अधिकार यात्रा की ओर दिलाते हुए कहा अगर लगता है कि यह राजस्व घाटा अनुदान कटौती हमारा हक है तो विपक्षी विधायकों को साथ चलने का राग अलापने के बजाए श्री शान्ता कुमार जी की तरह का अलख जगाएं।
अगर केन्द्र सरकार के रहमोकर्म के चलते इस निर्णय पर हमारा अधिकार नहीं है तो प्रदेश हित में अपनी अक्कड एवं अहंकार को त्याग कर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी के आगे सिर झुका कर आग्रह करें । उन्हे विनम्रता से अवगत करवायें कि प्रदेश के आए के साधन सीमित हैं ऐसे में राजस्व घाटा अनुदान कटौती से हिमाचल प्रदेश के विकास की गति लड खड़ा जाएगी । पूर्व विधायक ने मुख्यमन्त्री से बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा भले ही विधानसभा के अन्दर आर डी जी के ऊपर जितनी मर्जी चर्चा करवा कर केन्द्र सरकार व मोदी जी को कोस लो मगर दिल्ली के दरबार की सहायता के विना हिमाचल का गुज़ारा नहीं । पूर्व विधायक ने कहा कुल मिलाकर विधानसभा में आर डी जी के ऊपर चर्चा के बजाए हिमाचल प्रदेश कैसे " स्वावलंबी एवं आत्म निर्भर " बने के संकल्प के ऊपर रचनात्मक सार्थक चर्चा होती कि कव तक हिमाचल दिल्ली के दरबार में इस तरह भीख का कटोरा लेकर घूमता रहेगा।

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