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बिजली बोर्ड कर्मचारियों को बड़ी राहत: मोबाइल भत्ता और प्रोटेक्शन अलाउंस मंजूर

                           प्रबंधन ने जारी किए निर्देश, कर्मचारियों को मिलेगा अतिरिक्त वित्तीय लाभ

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

राज्य बिजली बोर्ड ने कर्मचारियों को राहत देते हुए मोबाइल फोन रीइंबर्समेंट भत्ता और प्रोटेक्शन अलाउंस मंजूर कर दिया है। बोर्ड ने सब-स्टेशन, जनरेशन विंग, एमएंडटी विंग, इलेक्ट्रिकल सिस्टम विंग तथा पीएंडटी स्टाफ सहित विभिन्न फील्ड तकनीकी कर्मचारियों को दो माह में एक बार मोबाइल फोन रीइंबर्समेंट भत्ता देने का निर्णय लिया है।

 मंगलवार को जारी निर्देशों में बताया गया कि फोरमैन स्पेशल, फोरमैन, सब-स्टेशन अटेंडेंट, इलेक्ट्रीशियन और फिटर को 200 रुपये द्विमासिक मोबाइल भत्ता मिलेगा। हेल्पर श्रेणी के कर्मचारियों को 150 रुपये द्विमासिक मोबाइल भत्ता दिया जाएगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल भत्ता प्राप्त करने के लिए मोबाइल कनेक्शन संबंधित कर्मचारी के नाम पर होना चाहिए और उसे सक्रिय रखना अनिवार्य होगा। संबंधित नियंत्रक अधिकारी को इसकी सूचना देना भी आवश्यक होगा। एक अन्य आदेश के तहत सोलन, सुंदरनगर और कांगड़ा स्थित पीएंडटी डिवीजनों में कार्यरत कर्मचारियों को प्रोटेक्शन अलाउंस देने की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल), जूनियर इंजीनियर (टेस्ट), इलेक्ट्रीशियन, हेल्पर, हेल्पर (सब-स्टेशन) को 100 रुपये प्रतिमाह प्रोटेक्शन अलाउंस मिलेगा।उधर, बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष नीतीश भारद्वाज ने दोनों आदेश जारी करने के लिए बोर्ड प्रबंधन का आभार जताया है। उन्होंने कहा प्रोटेक्शन विंग नया विंग बनने के बाद इसमें कार्यरत कर्मचारी प्रोटेक्शन भत्ते से वंचित थे।

वर्तमान में बोर्ड में फील्ड स्टाफ को 75 से 100 रुपये प्रतिमाह मोबाइल भत्ता प्रदान किया जा रहा है, जिसे अब कुछ अन्य श्रेणियों तक भी विस्तारित किया गया है। यह निर्णय कर्मचारियों के हित में एक सकारात्मक कदम है। यूनियन के महासचिव प्रशांत शर्मा ने कहा कि यूनियन लंबे समय से बोर्ड में कार्यरत सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को मोबाइल भत्ता दिए जाने की मांग करता आया है।अभी भी अनेक श्रेणियां इस सुविधा से वंचित हैं, जिन्हें शीघ्र इस दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के आईटी युग में मोबाइल फोन कार्यालयों एवं फील्ड कर्मियों की ओर से ड्यूटी के निर्वहन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे में मोबाइल भत्ते के रूप में दी जाने वाली वित्तीय सहायता कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी के दौरान मोबाइल का प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने कहा कि मोबाइल रिचार्ज दरों में पिछले वर्षों में भारी वृद्धि हुई है, जबकि वर्तमान मोबाइल भत्ता लगभग 10 वर्ष पूर्व निर्धारित किया गया था। ऐसे में बोर्ड में मोबाइल भत्ता राशि को 150 से 400 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाया जाना चाहिए तथा इसे दोगुना करने पर विचार किया जाना चाहिए।


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