सरकारी नौकरियों में बड़ा बदलाव, नियम संशोधन की प्रक्रिया
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की भर्ती और सेवा की शर्तें संशोधन विधेयक 2025 लागू होने के बाद प्रदेश सरकार को भर्ती और सेवा शर्तों से जुड़े नियमों में संशोधन करना पहले से आसान हो गया है। इस संशोधन विधेयक को 7 मार्च 2026 को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है। सोमवार को विधि विभाग ने इसे राजपत्र में अधिसूचित किया।
नए संशोधन के तहत उपधारा (1) में लिखे शब्द पूर्व प्रकाशन के बाद को हटा दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले किसी भी नियम में बदलाव से पहले उसे पूर्व प्रकाशन के लिए जारी करना जरूरी होता था, जिससे उस पर सुझाव और आपत्तियां ली जा सकें। अब यह शर्त हटने के बाद सरकार को भर्ती और सेवा शर्तों से जुड़े नियमों में संशोधन करने की प्रक्रिया सरल और तेज हो जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से प्रशासनिक निर्णय लेने में तेजी आएगी और जरूरत के अनुसार नियमों में तुरंत संशोधन संभव होगा। नया कानून हिमाचल प्रदेश भर्ती एवं सेवा शर्त अधिनियम 2024 में संशोधन करते हुए लागू किया गया है। इसके लागू होने के बाद सरकार भविष्य में भर्ती और सेवा नियमों में बदलाव सीधे अधिसूचना के माध्यम से कर सकेगी। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (हिप्पा) की ओर से आयोजित विभागीय परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को 20 मार्च तक बढ़ाने की मांग की है।
संघ का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान मानव संपदा पोर्टल पर आ रही तकनीकी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में पात्र अभ्यर्थी समय रहते आवेदन नहीं कर पाए हैं। संघ के अध्यक्ष अजय नेगी ने कहा कि विभागीय परीक्षा कर्मचारियों के कैरियर उन्नयन से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण कई अभ्यर्थियों के आवेदन अधूरे रह गए। कई स्थानों से यह शिकायतें सामने आई हैं कि पोर्टल पर सर्वर की धीमी गति, लॉगिन संबंधी समस्याओं तथा अन्य तकनीकी दिक्कतों के कारण कर्मचारी समय पर अपना आवेदन जमा नहीं कर सके। अजय नेगी ने हिप्पा प्रशासन से आग्रह किया है कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभागीय परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को 20 मार्च 2026 तक बढ़ाया जाए, ताकि जो अभ्यर्थी तकनीकी कारणों से आवेदन नहीं कर पाए हैं उन्हें भी समान अवसर मिल सके। प्रदेश सरकार ने जूनियर इंजीनियर सिविल के लिए अलग और स्वतंत्र राज्य कैडर बनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार राज्यपाल ने जूनियर इंजीनियर सिविल का अलग और विशिष्ट राज्य कैडर गठित करने को मंजूरी दी है। यह कैडर भर्ती निदेशालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करेगा। सरकार के इस फैसले से राज्य में जूनियर इंजीनियरों की भर्ती और सेवा संबंधी मामलों को एक अलग ढांचे के तहत संचालित किया जा सकेगा। अधिसूचना मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से जारी की गई है।


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