Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

राज्यसभा में गूंजा हिमाचल के रेल प्रोजेक्ट्स का मुद्दा

                                         सांसद हर्ष महाजन के सवाल पर रेल मंत्री ने दी विस्तृत रिपोर्ट

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश में चल रही विभिन्न रेल परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यसभा में विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। हिमाचल से भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन द्वारा पूछे गए एक अहम सवाल के जवाब में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रदेश में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर युद्धस्तर पर कार्य जारी है और इन पर हजारों करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। 

सांसद महाजन ने अंब-अंदौरा विस्तार, बिलासपुर लाइन, बिलासपुर-मनाली-लेह और पठानकोट-जोगिंदरनगर नैरोगेज को ब्रॉडगेज में बदलने की स्थिति पर सरकार से जवाब मांगा था।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अंब-अंदौरा रेल लाइन को मुकेरियां तथा जालंधर-जम्मू मार्ग से जोड़ने के लिए विस्तार किया जा रहा है। नंगल डैम से दौलतपुर चौक तक 60 किलोमीटर का काम पहले ही पूरा हो चुका है। वहीं, दौलतपुर चौक से मुकेरियां (42 कि.मी.) के बीच काम तेजी से चल रहा है। इसमें दौलतपुर चौक-करटोली (10.5 किमी) का काम पूरा हो गया है। करटोली-तलवाड़ा (13.65 कि.मी.) खंड में 25 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जहां 9.2 किमी लंबे वायाडक्ट, 1 प्रमुख पुल, 7 छोटे पुल, 2 आरओबी और 8 आरयूबी पर काम चल रहा है। तलवाड़ा-मुकेरियां (28.70 कि.मी.) खंड में 13 बड़े पुलों का काम 70 प्रतिशत पूरा हो गया है और 40 में से 29 आरयूबी बन चुके हैं।चंडीगढ़-बद्दी (33 कि.मी.) नई रेल लाइन परियोजना के संबंध में रेल मंत्री ने बताया कि इसे 1540 करोड़ रुपए की लागत से 50-50 प्रतिशत (केंद्र-राज्य) की हिस्सेदारी पर मंजूरी दी गई थी। इस पर अब तक 1068.88 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इस परियोजना में हिमाचल सरकार की हिस्सेदारी 534 करोड़ रुपए है, जिसमें से राज्य ने 348 करोड़ रुपए जमा करा दिए हैं, जबकि 186 करोड़ रुपए शेष हैं। परियोजना के लिए 97 हैक्टेयर भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृति मिल चुकी है। 9 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट का 75 फीसदी काम हो चुका है और पुलों तथा स्टेशनों का निर्माण जारी है।

भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी नई रेल लाइन (63 कि.मी.) का निर्माण 75:25 (केंद्र और राज्य) के अनुपात में किया जा रहा है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 6753 करोड़ रुपए है, लेकिन अब तक इस पर 7729 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। राज्य सरकार की कुल हिस्सेदारी 2781 करोड़ रुपये बनती है, जिसमें से केवल 847 करोड़ जमा हुए हैं और 1934 करोड़ रुपए अभी राज्य की ओर से लंबित हैं। भौतिक प्रगति की बात करें तो 16 में से 15 सुरंगें बन चुकी हैं। 27 में से 10 बड़े पुल, 8 में से 6 आरओबी, 5 में से 4 आरयूबी और 6 में से 3 स्टेशन भवन बनकर तैयार हो चुके हैं।


Post a Comment

0 Comments

एम्स बिलासपुर में ग्रुप B-C पदों के लिए दस्तावेज़ सत्यापन 16 मार्च से