स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए आयुर्वेद व योग अपनाना जरूरी : प्रो. चन्द्र कुमार
ज्वाली,रिपोर्ट राजेश कतनौरिया
आयुष विभाग के सौजन्य से ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरगाला में एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने किया। शिविर में क्षेत्र के लगभग 300 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
शिविर में मेडिसिन, स्त्री रोग,बाल रोग, ईएनटी, चर्म रोग तथा नाड़ी रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। परामर्श के उपरांत मरीजों को आयुर्वेदिक औषधियां भी निःशुल्क वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त शिविर के दौरान लोगों के विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण भी निःशुल्क किए गए। इस मौके पर कई मरीजों को पंचकर्म चिकित्सा पद्धति के माध्यम से उपचार भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि आयुष पद्धतियां भारतीय चिकित्सा प्रणाली की प्राचीन एवं समृद्ध विरासत हैं, जिनका महत्व आज के वैश्विक परिदृश्य में और भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी पद्धतियां न केवल रोगों के उपचार में सहायक हैं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए भी प्रेरित करती हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण अनेक प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां लोगों को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में योग और आयुर्वेदिक जीवनशैली को अपनाकर स्वयं को स्वस्थ रखें।शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा लोगों को विभिन्न बीमारियों से बचाव, सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं में औषधियों के सही उपयोग तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जड़ी-बूटियों की वैज्ञानिक खेती के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित बनाए रखने के लिए योग विशेषज्ञों द्वारा योगाभ्यास और प्राणायाम का प्रशिक्षण भी दिया गया।इस अवसर पर उपस्थित लोगों को औषधीय पौधे भी वितरित किए गए तथा उन्हें इन पौधों के स्वास्थ्यवर्धक गुणों और उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।इससे पहले एसडीएएमओ रितु चौधरी ने कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार को शॉल, हिमाचली टोपी, स्मृति चिन्ह व अश्वगंधा का पौधा भेंट कर सम्मानित किया।

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