तेलका सरकारी कॉलेज में छात्रों से जबरन फंड वसूली, छात्रों में रोष
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक संस्थान छात्रों से कई तरह के फंड अवैध तरीके से वसूल कर रहे हैं। इसका खुलासा राज्य लेखा परीक्षा विभाग की रिपोर्ट में हुआ है। जिला चंबा के तहसील सलूणी स्थित राजकीय महाविद्यालय तेलका में कई अनियमितताएं उजागर हुई हैं। ऑडिट रिपोर्ट में अनधिकृत वसूली का खुलासा किया गया है।
तहसील सलूणी के तहत आने वाले राजकीय महाविद्यालय तेलका में छात्र निधियों से संबंधित कई अनियमितताएं सामने आई हैं। जून 2017 से मार्च 2025 की अवधि के ऑडिट में इसका खुलासा हुआ है कि महाविद्यालय की ओर से विभिन्न मदों में छात्रों से अनधिकृत और अधिक राशि की वसूली हुई। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय 11 जुलाई 2016 की अधिसूचना तहत यूनिवर्सिटी डेवलपमेंट फंड पूरे डिग्री कोर्स के दौरान प्रवेश के समय केवल एक बार ही लिया जाना चाहिए। इसके बावजूद महाविद्यालय की ओर से कुछ मामलों में पुराने छात्रों से दोबारा यह शुल्क वसूला गया। जांच में करीब 26 हजार रुपये की अधिक व अनधिकृत वसूली का मामला सामने आया है। नमूना ऑडिट में 15 हजार रुपये की वसूली को अनियमित पाया गया। गृह परीक्षा निधि के तहत भी नियमों के विपरीत करीब 18,760 रुपये की अतिरिक्त वसूली पाई गई। वहीं छात्राओं से 900 रुपये ट्यूशन फीस भी वसूली गई, जबकि राज्य सरकार के आदेशों के अनुसार छात्राओं से ट्यूशन फीस नहीं ली जानी चाहिए। ऑडिट में यह भी सामने आया कि महाविद्यालय ने रेड क्रॉस निधि के नाम पर वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक कुल 25,020 रुपये की वसूली की, जबकि राज्य सरकार की ओर से अधिसूचित निधियों की सूची में रेड क्रॉस निधि का उल्लेख नहीं है।
इसी तरह एनसीसी फंड के रूप में 6,710 रुपये की वसूली की गई, जबकि महाविद्यालय में एनसीसी विंग कार्यरत ही नहीं है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि कॉमर्स के छात्रों से कंप्यूटर प्रैक्टिकल फीस के रूप में 720 रुपये की वसूली नहीं की गई, जबकि नियमों के अनुसार यह शुल्क लिया जाना आवश्यक था।संस्थान की ओर से जवाब में बताया गया कि जानकारी के अभाव में यह त्रुटियां हुईं और कुछ मामलों में राशि छात्रों को वापस कर दी गई है, जबकि शेष मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। लेखा परीक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि इन मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा आंतरिक जांच प्रणाली को मजबूत किया जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।राजकीय महाविद्यालय तेलका में अंकेक्षण के दौरान एक और अनियमितता सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार महाविद्यालय की ओर से छात्र पहचान पत्र के लिए पिछले आठ वित्तीय वर्षों में छात्रों से कुल 7410 रुपये की राशि वसूली गई, लेकिन इसके बावजूद एक बार भी छात्रों के पहचान पत्र प्रिंट नहीं कराए गए। वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक छात्रों से यह राशि ली जाती रही, मगर छात्रों को इसका लाभ नहीं मिला। इसे छात्र कल्याण के प्रति महाविद्यालय की उदासीनता के रूप में भी देखा गया है। वहीं, विभाग के उप निदेशक अनिल कुमार मेहरा की निगरानी में ऑडिट टीम ने यह रिपोर्ट तैयार की है।

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