Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

चेस्टर हिल्स प्रोजेक्ट पर ब@वाल: सीएस संजय गुप्ता का बड़ा आरो@प

                                        सीएस संजय गुप्ता ने पूर्व अफसरों पर लगाए गंभीर आ@रोप

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने चेस्टर हिल मामले में दो पूर्व मुख्य सचिवों को लपेटते हुए कहा कि आरडी धीमान और प्रबोध सक्सेना उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। गुप्ता बोले- मुझे एक्सटेंशन या ताजा नियुक्ति न मिले, इसलिए धीमान और सक्सेना ने प्रपंच रचा है। मुख्य सचिव ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में पत्रकार वार्ता कर दोनों को निशाने पर लिया। गुप्ता ने कहा कि जब वह मुख्य सचिव नहीं थे, उस समय उन्हें सरकार से जमीन खरीद की अनुमति मिली थी। 

उन्होंने इसे खरीदने के लिए 75 लाख जीपीएफ से निकाले। गुप्ता बोले - मैं किसी गुट में नहीं हूं और सीएम को रिपोर्ट करता हूं। विजिलेंस, सीबीआई और ईडी के मामलों में फंसे इन दोनों अधिकारियों की निष्ठा संदिग्ध है। मुख्यमंत्री ने ऐसे अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों से हटाने का विधानसभा में आश्वासन दिया है। गुप्ता ने कहा कि भाजपा के नेता इन संदिग्ध निष्ठा वाले अफसरों के नाम मुख्यमंत्री को देंगे तो वह कार्रवाई करेंगे।अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए गुप्ता ने कहा कि दोनों के खिलाफ विजिलेंस, ईडी और सीबीआई जांच चल रही है। अधिवक्ता विनय शर्मा की शिकायत बेबुनियाद है। पूरे मामले के पीछे ये अधिकारी हैं। गुप्ता ने कहा कि सीएम के आश्वासन के बाद प्रबोध सक्सेना के ओडीआई मामले में ऊर्जा सचिव राकेश कंवर से भी रिपोर्ट मांगी गई है। अधिवक्ता विनय शर्मा ने छोटा शिमला थाने में शिकायत कर उन पर तीन एकड़ जमीन घूस लेकर खरीदने का निराधार आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह जमीन 1 करोड़ 38 लाख रुपये में खरीदी। कलेक्टर रेट एक करोड़ दस लाख रुपये का है। उन्होंने जून 2025 में अपना जीपीएफ निकाला। उन्होंने इसकी प्रति भी दिखाई।शिकायत में प्रिवेंशन टू करप्शन एक्ट की धारा 13 (1)डी-ए के तहत कार्रवाई को लिखना गलत है।

 यह धारा डिलीट हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब वह बिजली बोर्ड के अध्यक्ष थे तो उन्होंने बोर्ड के लिए 500 करोड़ का लाभ कमाया। इसकी वजह से मुख्यमंत्री ने उनका काम देखते हुए उन्हें मुख्य सचिव लगाया। कुछ अधिकारियों को इससे तकलीफ हो रही है कि यह कैसे हो गया, क्योंकि 3700 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा था। गुप्ता ने कहा कि पूर्व सीएमडी आरडी धीमान और एक अधिकारी ग्रोवर के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो में दो एफआईआर दर्ज हैं। यह मामला ईडी ने भी टेकओवर कर लिया है।एक मामला गिलवर्ट इस्पात मामले में 10 से 12 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। दूसरा 130 करोड़ रुपये की लाइन रेगुलेटर के ऑर्डर के वाॅयलेशन में कुनिहार नालागढ़ लाइन बनाने का है। जांच चल रही है। आरडी धीमान के खिलाफ एक एक्सईएन ने जबरदस्ती करवाने का कोर्ट में बयान दे दिया है। भाजपा और माकपा को भी गलत तथ्य दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामला रेरा से भी अप्रूव है। यह बात रेरा के पूर्व अध्यक्ष श्रीकांत बाल्दी से भी पूछी जानी चाहिए, जिन्होंने एप्रूव किया। जब इतनी हेराफेरी थी तो रेरा ने इसे कैसे अप्रूव किया। नक्शों का आदेश देवेश कुमार ने दिया था। इसे आयुक्त ने नहीं माना तो मामला सरकार के पास दोबारा आया।


Post a Comment

0 Comments

भ्रष्ट अधिकारियों के मकड़जाल में फंसे मुख्यमंत्री, कमरा बदलने में भी छूट जाते हैं पसीने: जयराम ठाकुर