राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा बल
सोलन, ब्यूरो रिपोर्ट
कंडाघाट स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैब (सीटीएल) में जल्द ही सूक्ष्मजीवों (माइक्रोबायोलॉजी लैब) की जांच शुरू की जा रही है। इस अत्याधुनिक लैब के स्थापित होने से अब वायरस और बैक्टीरिया से संबंधित सैंपलों की जांच के लिए दूसरे राज्यों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। करीब दो माह बाद यह सुविधा शुरू करने की तैयारी है।
वर्तमान में प्रदेश में सूक्ष्मजीवों से संबंधित सैंपलों को जांच के लिए पुणे समेत अन्य राज्यों स्थित लैब में भेजा जा रहा है। इस प्रक्रिया में न केवल काफी समय बर्बाद होता है, बल्कि रिपोर्ट आने में 10 से 15 दिन का समय लग जाता है। इसमें देरी के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना रहता है। अब कंडाघाट में ही यह सुविधा मिलने से समय और संसाधन दोनों की बचत होगी। इसमें लैब से पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया की पहचान हो सकेगी।
इसके अलावा पीलिया फैलाने वाले वायरस और कारकों की सटीक जांच होगी, सब्जियों पर मौजूद सूक्ष्मजीवों और पेस्टिसाइड्स के साथ-साथ उनके जैविक संक्रमण की जांच की जाएगी। अभी तक केवल केमिकल टेस्टिंग तक ही लैब सीमित है। इसमें मुख्य रूप से मिठाइयों और अन्य खाद्य वस्तुओं के रासायनिक परीक्षण ही किए जाते हैं। मिलावट का पता लगाने के लिए यह लैब प्रदेश का मुख्य केंद्र रही है, लेकिन सूक्ष्मजीवों की जांच न हो पाना एक बड़ी कमी थी, जो अब दूर होने जा रही है।

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