पंजाब सरकार की सख्त चेतावनी
बिलासपुर, ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल सरकार की ओर से लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में पंजाब के विभिन्न संगठनों ने दैणी बॉर्डर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम कर दिया, जिससे कीरतपुर-मनाली हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। करीब छह घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही, जिसके बाद प्रशासनिक हस्तक्षेप से रास्ता बहाल किया गया। धरना-प्रदर्शन के दौरान पंजाब के मंत्री हरजोत सिंह बैंस मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश सरकार अपना जजिया टैक्स वापस नहीं लेती है तो पंजाब सरकार भी हिमाचल से आने वाले वाहनों पर बराबर का एंट्री टैक्स लगाएगी।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की होगी। बैंस ने आरोप लगाया कि हिमाचल सरकार आर्थिक तंगी से जूझ रही है और इसकी भरपाई के लिए जनता पर नए-नए टैक्स थोपे जा रहे हैं, जिनका आम लोग विरोध कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उनकी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बातचीत हुई है और जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा।
वहीं, हिमाचल टैक्सी यूनियन के प्रधान राम रतन ने भी इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को हरियाणा और पंजाब की गाड़ियों पर लगाया गया एंट्री टैक्स तुरंत वापस लेना चाहिए, जिससे पर्यटन कारोबार प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्णय से प्रदेश की छवि खराब हो रही है और पर्यटकों में गलत संदेश जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान आपात सेवाओं और पर्यटकों को राहत देने के लिए वैकल्पिक मार्गों को आंशिक रूप से खुला रखा गया।
टैक्सी मैक्सी ऑपरेटर एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अभी ठाकुर ने कहा कि धरना-प्रदर्शन की इस स्थिति के लिए अफसरशाही जिम्मेदार है, जो दोनों सरकारों को गुमराह कर रही है। उनका कहना था कि अधिकारियों को जमीनी हालात से कोई फर्क नहीं पड़ता, जबकि सड़क पर खड़ी गाड़ियों और परेशान लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वह मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने की कोशिश करेंगे। कहा कि यदि सरकार इस टैक्स को वापस नहीं लेती है, तो वे आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहेंगे।

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