अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद कर्मचारियों ने मांगी माफी, बहाली से मिली राहत
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
सेवा बहाली की मांग को लेकर सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन का सीटू के साथ लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। दोपहर 3:00 बजे सीटीओ चौक पर जमा हुए कर्मचारियों और सीटू कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की।वहीं हड़ताल के कारण बर्खास्त किए सैहब सोसायटी के दस कर्मचारियों की सेवाएं नगर निगम ने बहाल कर दी हैं। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने शनिवार शाम इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह सभी अब सोमवार से काम पर लौट सकेंगे।
सेवा बहाली पाने वालों में नौ सुपरवाइजर और एक सफाई कर्मी शामिल हैं। नगर निगम के अनुसार इन कर्मचारियों ने लिखित में माफी मांगी है। साथ ही इनसे सादा शपथ पत्र भी लिया जा रहा है कि यह भविष्य में कभी इस तरह से हड़ताल पर नहीं जाएंगे। नगर निगम को सौंपे अपने माफीनामे में इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें एस्मा लागू होने की जानकारी नहीं थी। नगर निगम ने हड़ताल करने वाले 41 कर्मचारियों को बर्खास्त किया है। अब 31 कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी सेवाएं अभी बहाल नहीं हुई हैं। नगर निगम की सख्ती के बाद बर्खास्त कर्मचारी नरम पड़ने लगे हैं। कुछेक शनिवार को ही आयुक्त कार्यालय पहुंचे और अपने माफीनामे सौंपे।
नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि दस कर्मचारियों की सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।सीटीओ चौक पर प्रदर्शन कर रहे बाकी कर्मचारियों ने कहा कि नगर निगम बर्खास्त किए सभी 41 कर्मचारियों की सेवाएं जल्द बहाल करें। तानाशाही रवैया छोड़े और मांगें पूरी करें। सैहब कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि नगर निगम सेवा बहाली की फाइल लटका रहा है। अब प्रदर्शन में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इससे उनका प्रदर्शन कमजोर नहीं पड़ेगा। रविवार को भी सभी कर्मचारी नगर निगम कार्यालय के बाहर सीटीओ चौक पर धरना प्रदर्शन करेंगे।कहा कि कर्मचारियों की सेवा बहाली, सालाना वेतन बढ़ोतरी जैसी मांगें पूरी होनी चाहिए।

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