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हिमाचल में कमजोर पड़ा मानसून, 17 जुलाई तक भारी बारिश से राहत

                          बारिश पर लगा ब्रेक! 17 जुलाई तक हिमाचल में भारी वर्षा के आसार नहीं

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश में लगातार कई दिनों तक बारिश और बाढ़ जैसे हालात के बाद अब मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार 17 जुलाई तक प्रदेश के किसी भी जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है। 

इस दौरान अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी, जबकि 18 और 19 जुलाई से मानसून दोबारा सक्रिय होकर कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज कर सकता है।सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा और दिनभर धूप खिलने से तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। लगातार बारिश थमने के बाद मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में उमस बढ़ गई है। ऊना, मंडी, बिलासपुर, कांगड़ा और हमीरपुर जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जिससे लोगों को जुलाई की गर्मी का अहसास होने लगा।मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के ताजा बुलेटिन के अनुसार अगले चार से पांच दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसका असर विशेष रूप से मैदानी जिलों में देखने को मिलेगा, जहां दिन के साथ-साथ सुबह और शाम के समय भी उमस बनी रहेगी।पूर्वानुमान के अनुसार 13 से 17 जुलाई के बीच मैदानी, मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।


 मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 18 और 19 जुलाई को मानसून फिर से सक्रिय होगा। इन दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।हालांकि बारिश कम होने के बावजूद पिछले दिनों हुई भारी वर्षा का असर अब भी प्रदेश में दिखाई दे रहा है। सोमवार शाम तक राज्य में 69 सड़कें बंद रहीं। इसके अलावा 13 बिजली ट्रांसफार्मर और 80 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। कुल्लू जिले में सबसे अधिक 38 सड़कें बंद हैं, जबकि मंडी, सिरमौर, शिमला, कांगड़ा, ऊना और लाहौल-स्पीति में भी कई सड़कें अभी तक पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी हैं।मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहेगा, लेकिन 18 जुलाई के बाद एक बार फिर मानसूनी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों और प्रशासन को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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