वन विभाग को 82 लाख रुपये से अधिक का नुकसान
शिमला,रिपोर्ट नवीन शर्मा
हिमाचल प्रदेश में भीषण गर्मी और लंबे समय से बारिश न होने के कारण जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रदेशभर में अब तक जंगलों में आग लगने के 263 मामले सामने आ चुके हैं, जिनसे करीब 3500 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई है। इन घटनाओं से वन विभाग को अब तक लगभग 82 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा है।
जंगलों में लगी आग से बेशकीमती पेड़-पौधे जलकर राख हो रहे हैं, वहीं पर्यावरण और वन्य जीवों पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।प्रदेश में आग की घंटनाएँ सबसे ज्यादा मंडी जिले में देखने को मिला है, जहां आग लगने के 85 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा धर्मशाला सर्कल में 56 मामले सामने आए हैं। राजधानी शिमला में 10 और सोलन जिले में छह घटनाएं दर्ज की गई हैं। अन्य जिलों में भी जंगलों में आग की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे वन विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।पिछले साल प्रदेश में जंगलों में आग लगने के 561 मामले सामने आए थे, जिनमें लगभग 7 हजार हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई थी। उस दौरान वन विभाग को करीब 14 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था।राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं पर चिंता जताई है।
उन्होंने कहा कि इस बार आग की घटनाएं काफी अधिक देखने को मिल रही हैं और कई लोग घासनी तथा जंगलों में जानबूझकर आग लगा रहे हैं, जिससे भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक आगजनी से जुड़े लगभग 263 मामले सामने आ चुके हैं, जिनसे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।राजस्व मंत्री ने प्रदेशवासियों से जंगलों और घासनियों में आग न लगाने की अपील की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि आग लगाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। प्रशासन और वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आग की घटना की तुरंत सूचना देने की अपील की है, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।वहीं पंचायती राज चुनाव में भाजपा द्वारा किए जा रहे जीत के दावों पर भी जगत नेगी ने पलटवार किया और कहा कि यह चुनाव पार्टी चिन्ह पर नहीं होते हैं ऐसे में इस पर जीत का दावा करना सही नहीं है उन्होंने कहा कि काफी प्रधान और प्रधान भी कांग्रेस विचारधारा के जीत कर आए हैं लेकिन भाजपा द्वारा जो दावा किया जा रहा है वह सही नहीं है।

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