हिमकेयर की जगह नई स्कीम अटकी, स्वास्थ्य विभाग ने फाइल रोकी
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना की जगह प्रस्तावित नई स्वास्थ्य बीमा योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। इस योजना को लेकर स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक भी हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाया है। स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने को लेकर निजी इंश्योरेंस कंपनियों के साथ एमओयू साइन करने को तैयार नहीं है।
कई राज्यों ने इंश्योरेंस पॉलिसी को अपनाया लेकिन इसके रिजल्ट ठीक नहीं निकले। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग रिस्क नहीं लेना चाह रहा है।स्वास्थ्य विभाग ने योजना से संबंधित फाइल को फिलहाल पेंडिंग में डाल दिया है और अब इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ विस्तृत चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। प्रदेश सरकार हिमकेयर योजना में सामने अनियमितताओं के बाद नई स्वास्थ्य बीमा योजना लाने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमकेयर की जगह मरीजों के इलाज के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी लाने की बात कही थी। बाहरी राज्यों में शुरू की गई इस योजना में कंपनियों पर लाभ कमाने के आरोप लगे, जबकि आम लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया। इन उदाहरणों को देखते हुए हिमाचल सरकार अब कोई भी जल्दबाजी में फैसला लेने से बच रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि नई योजना को बिना ठोस निगरानी तंत्र और पारदर्शी व्यवस्था के लागू किया गया, तो इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है और लाभार्थियों को भी अपेक्षित राहत नहीं मिल पाएगी।इसी कारण विभाग ने फिलहाल इस प्रस्ताव को रोकते हुए विस्तृत समीक्षा करने का निर्णय लिया है। अब निगाहें मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जिसमें यह तय होगा कि प्रदेश में नई स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाएगी या फिर हिमकेयर में सुधार कर उसे ही जारी रखा जाएगा। फिलहाल, स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर असमंजस की स्थिति है। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल का कहना है कि इंश्योरेंस स्कीम योजना लागू करने के बारे में मुख्यमंत्री के साथ बैठक होनी है।

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