राजनीतिक समीकरण बदले, समर्थन जुटाने में कांग्रेस रही पीछे; भाजपा खेमे में जश्न का माहौल
काँगड़ा,ब्यूरो रिपोर्ट
शाहपुर (कांगड़ा)। उपमुख्य सचेतक एवं विधायक केवल सिंह पठानिया के गृह क्षेत्र शाहपुर की नगर पंचायत के त्रिशंकु नतीजों ने स्थानीय सियासत को नया मोड़ दे दिया है। सात वार्डों वाली नगर पंचायत में जनता ने किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया। चुनाव में सबसे अधिक चार सीटों पर आजाद प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को दो और भाजपा को महज एक सीट मिली।परिणाम के तुरंत बाद पांच पार्षदों ने विधायक केवल सिंह पठानिया से मुलाकात की। इसके दम पर कांग्रेस ने बहुमत का दावा किया है। बहुमत का दावा करने के बावजूद कांग्रेस नगर पंचायत के अध्यक्ष का पद हासिल नहीं कर पाएगी।
दरअसल, अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) महिला के लिए आरक्षित है और पूरे सदन में इस वर्ग से जीतने वाली एकमात्र पार्षद भाजपा की बबिता हैं।ऐसे में संख्या बल कम होने के बावजूद कानूनी रूप से बबिता का अध्यक्ष बनना तय है और कांग्रेस गुट को भी उनके नाम पर सहमति देनी होगी। अध्यक्ष पद की स्थिति साफ होने के बाद अब असली सियासी लड़ाई उपाध्यक्ष पद पर टिक गई है। बहुमत के आंकड़े को देखते हुए आजाद और कांग्रेस समर्थित पार्षद इस कुर्सी के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं। पिछले कार्यकाल में शाहपुर में तीन अध्यक्ष बदले गए थे, लेकिन कांग्रेस समर्थित विजय गुलेरिया पूरे पांच साल उपाध्यक्ष रहे थे। ऐसे में इस बार भी इस पद के लिए जोड़-तोड़ तेज होने के आसार हैं।
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