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हिमाचल में 61 पंचायत समिति सदस्य निर्विरोध निर्वाचित, जिला परिषद में कोई उम्मीदवार नहीं जीता

     पंचायती राज चुनाव में कई क्षेत्रों में बिना मुकाबले चुने गए प्रतिनिधि, जिला परिषद सीटों पर मुकाबला बरकरार

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनावों के बीच पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 61 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं, जबकि जिला परिषद सदस्य की एक भी सीट पर निर्विरोध निर्वाचन नहीं हो पाया है। प्रदेशभर में जिला परिषद की 251 और पंचायत समिति की 1769 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया जारी है। नामांकन वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन के बाद अब चुनावी मुकाबला पूरी तरह स्पष्ट हो गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार ने भी जोर पकड़ लिया है।राज्य में पंचायत समिति की कई सीटों पर आपसी सहमति बनने और विरोधी उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के चलते यह 61 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। दूसरी ओर जिला परिषद की सभी 251 सीटों पर मुकाबला बना हुआ है।

 जिला परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है और कई जिलों में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।भाजपा ने जिला परिषद सीटों पर अपने समर्थित उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। पार्टी नेताओं और संगठन पदाधिकारियों ने जिला स्तर पर रणनीति तैयार कर चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। भाजपा समर्थित उम्मीदवार गांव-गांव जाकर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। वहीं, कांग्रेस ने इस बार जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में आधिकारिक सूची जारी नहीं की है, लेकिन पार्टी नेताओं ने अपने समर्थित उम्मीदवारों के नामांकन में पूरा सहयोग दिया है। कई स्थानों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उम्मीदवारों के साथ प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं। कांग्रेस स्थानीय समीकरणों के आधार पर चुनाव लड़ रही है ताकि बगावत और अंदरूनी विरोध को कम किया जा सके। प्रदेश के विभिन्न जिलों में पंचायत चुनावों को लेकर माहौल गर्माया है। 

ग्रामीण क्षेत्रों में बैठकों, जनसंपर्क और चुनाव प्रचार का दौर तेज हो गया है। उम्मीदवार विकास कार्यों, सड़क, पेयजल और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों को आचार संहिता का पालन करने के निर्देश दिए हैं।प्रदेश के 47 नगर निकायों में जीत दर्ज करने वाले उम्मीदवारों को एक जून को आधिकारिक तौर पर निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से विजयी उम्मीदवारों की अंतिम सूची मांगी है, जिससे चुनाव परिणामों की औपचारिक अधिसूचना जारी की जा सके। आयोग की ओर से प्रक्रिया पूरी होते ही निर्वाचित प्रतिनिधियों को कानूनी रूप से विजेता माना जाएगा। नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विजयी प्रत्याशियों का पूरा ब्योरा आयोग को जल्द उपलब्ध करवाएं। 

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