नगर निगम और प्रशासन के फैसले से स्थानीय दुकानदारों ने ली राहत की सांस
शिमला,रिपोर्ट नवीन शर्मा
राजधानी शिमला में आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित समर फेस्टिवल को लेकर इस बार जिला प्रशासन ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसका स्थानीय व्यापारियों ने खुले दिल से स्वागत किया है। ऐतिहासिक रिज मैदान पर इस बार खाने-पीने के स्टॉल नहीं लगाए जाएंगे।
प्रशासन ने यह निर्णय स्थानीय व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग और आग्रह को ध्यान में रखते हुए लिया है। फैसले के बाद शहर के होटल व्यवसायियों, रेस्टोरेंट संचालकों, ढाबा मालिकों और छोटे व्यापारियों में खुशी की लहर है।प्रदेश व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने जिला प्रशासन और उपायुक्त शिमला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय व्यापारी लंबे समय से इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष उठा रहे थे। उनका कहना था कि हर वर्ष समर फेस्टिवल के दौरान बाहरी लोगों को रिज मैदान पर खाने-पीने के स्टॉल लगाने की अनुमति दी जाती थी, जिससे स्थानीय कारोबार बुरी तरह प्रभावित होता था। पर्यटक बड़ी संख्या में रिज मैदान पर ही भोजन और अन्य सामान खरीद लेते थे, जिसके कारण शहर के होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में ग्राहकों की संख्या घट जाती थी।उन्होंने कहा कि समर फेस्टिवल के दौरान हजारों की संख्या में पर्यटक शिमला पहुंचते हैं और स्थानीय व्यापारी पूरे वर्ष पर्यटन सीजन पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे आयोजनों से उन्हें व्यापार बढ़ने की उम्मीद होती है, लेकिन बाहरी कारोबारियों के स्टॉल लगने से स्थानीय व्यापारियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था।
व्यापार मंडल ने कई बार जिला प्रशासन से मांग की थी कि स्थानीय व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए इस व्यवस्था में बदलाव किया जाए। अब प्रशासन द्वारा लिया गया यह फैसला स्थानीय कारोबारियों के लिए बड़ी राहत और सकारात्मक कदम साबित होगा।इंद्रजीत सिंह ने कहा कि यह निर्णय केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे हिमाचली संस्कृति और पारंपरिक खानपान को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने शहर के सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों से अपील करते हुए कहा कि समर फेस्टिवल के दौरान अपने प्रतिष्ठानों में हिमाचली धाम और पारंपरिक व्यंजन विशेष रूप से परोसे जाएं, ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक हिमाचल की समृद्ध संस्कृति, स्वाद और परंपराओं से रूबरू हो सकें।उन्होंने कहा कि हिमाचली व्यंजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान हैं और पर्यटन के साथ स्थानीय संस्कृति को जोड़ना समय की आवश्यकता है। इससे न केवल पर्यटकों को एक अलग अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक व्यंजनों और छोटे कारोबारियों को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार मंडल ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी जिला प्रशासन स्थानीय व्यापारियों के हितों को इसी तरह प्राथमिकता देता रहेगा और पर्यटन आयोजनों में स्थानीय सहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा।

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