जांच पूरी होने के बाद पुलिस अ*दालत में दाखिल करेगी विस्तृत चा*लान
मंडी,ब्यूरो रिपोर्ट
बहुचर्चित सिया हत्याकांड में पुलिस की ओर से तैयार चार्जशीट से संबंधित कानूनी आपत्तियां दूर कर ली गई हैं। करीब 200 से अधिक पन्नों वाला चालान तैयार किया गया है। हत्या आरोप को पुख्ता करने के लिए चालान में फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्य के साथ गवाहों के बयान को आधार बनाया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस किसी भी तरह की कानूनी या तकनीकी चूक नहीं छोड़ना चाहती थी।
इसी कारण चार्जशीट को अंतिम रूप देने से पहले प्रॉसिक्यूशन विभाग से कानूनी परीक्षण करवाया गया। समीक्षा के दौरान उठाई गई आपत्तियों और सुझावों को शामिल कर फाइल को संशोधित किया गया है।पुलिस ने इस मामले में आरोपी की मां से कहासुनी के बाद छात्रा पर दराट से हमले की थ्योरी पर जांच को आगे बढ़ाया है। चालान में फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों पर अधिक जोर दिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला फोरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर तैयार किया है।
जांच के दौरान घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में तकनीकी साक्ष्यों को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया। सीसीटीवी फुटेज से जुड़ी वीडियो रिपोर्ट से लेकर हर तरीके से आरोपी को कानूनी सजा दिलाने के लिए इस चालान में तथ्य शामिल किए गए हैं। उधर, एसपी विनोद कुमार ने बताया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।13 अप्रैल की सुबह कॉलेज छात्रा सिया की दराट से हमला कर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद ग्रामीणों ने आरोपी को नघला नाला क्षेत्र से पकड़ लिया था। घटना के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन और चक्का जाम भी किया था। पुलिस जांच में आरोपी ने खुलासा किया था कि वह घर से किसी की हत्या करने की नियत से निकला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गर्दन की हड्डी टूटना और अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया।

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