छात्रों के खराब प्रदर्शन पर शिक्षा विभाग ने शुरू की समीक्षा।
ऊना,ब्यूरो रिपोर्ट
बोर्ड परीक्षाओं में खराब परिणाम देने वाले अध्यापकों पर अब शिक्षा विभाग सख्त नजर आ रहा है। शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर के स्कूलों से ऐसे अध्यापकों की विस्तृत जानकारी तलब की है, जिनके विषयों में विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम कमजोर रहा है। विभाग ने प्रत्येक स्कूल को निर्देश जारी कर जल्द से जल्द पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है।
निदेशालय द्वारा मांगी गई जानकारी में संबंधित अध्यापक और स्कूल का नाम, अध्यापक की नियुक्ति श्रेणी, नियमित, कांट्रैक्ट अथवा एसएमसी के तहत कार्यरत हैं या नहीं। इसके अलावा वह लेक्चरर, टीजीटी अथवा सीएंडवी शिक्षक है, का भी उल्लेख करना होगा। साथ ही संबंधित विषय में कितने विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, उनमें से कितने पास और कितने फेल हुए, पास प्रतिशत कितना रहा, इसकी विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित अध्यापक कितने वर्षों से उस स्कूल में तैनात है, इसकी जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल करनी होगी। माना जा रहा है कि निदेशालय कमजोर परीक्षा परिणाम के कारणों का गहन विश्लेषण करने की तैयारी में है ताकि भविष्य में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल जवाबदेही तय करना ही नहीं बल्कि कमजोर परिणाम वाले स्कूलों और विषयों की पहचान कर वहां सुधारात्मक कदम उठाना भी है। विस्तृत आंकड़ों के आधार पर भविष्य की रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।

.jpg)
0 Comments