प्रदेश में आ*पदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए सरकार शुरू करेगी विशेष प्र*शिक्षण अभियान
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार पंचायतों, महिला एवं युवा मंडलों और स्कूली बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण शुरू करेगी। इससे जमीनी स्तर पर आपदा तैयारी की संस्कृति विकसित होगी। यह पहल न केवल इन कार्यों में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करेगी, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान होने वाले नुकसान को भी कम करने में मदद करेगी।
इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक समर्पित परियोजना प्रबंधन इकाई गठित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को शिमला में कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार जन सुरक्षा एवं प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए सक्षम एवं प्रतिरोधी अधोसंरचना के निर्माण की दिशा में काम कर रही है। इस क्रम में 2,688 करोड़ की हिमाचल प्रदेश रेजिलिएंट एक्शन फॉर डेवलपमेंट एंड डिजास्टर रिकवरी परियोजना शुरू की गई है। यह प्रोजेक्ट नवंबर 2030 तक लागू रहेगा। इसमें आपदा से निपटने की तैयारी, आपदा न्यूनीकरण और पुनर्वास तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से हिमाचल प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित है। पिछले तीन साल में राज्य में 66 से अधिक बादल फटने की घटनाएं, 234 भूस्खलन और 121 फ्लैश फ्लड की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
एचपी-रेडी परियोजना के तहत प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने, आपदा-रोधी अवसंरचना के निर्माण वैज्ञानिक भू-उपयोग योजना अपनाने और विभिन्न विभागों के समन्वय के माध्यम से सामुदायिक तैयारी को बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया जाएगा। पिछले तीन वर्षों में आई प्राकृतिक आपदाओं ने राहत केंद्रित शासन से प्रतिरोधी केंद्रित प्रशासन की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।टोंगलेन ट्रस्ट धर्मशाला के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को ट्रस्ट के निदेशक थेरचिन ग्याल्तसेन के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट की।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ट्रस्ट की ओर से संचालित विद्यालय के लिए भूमि पट्टे की मांग से अवगत करवाया। यह विद्यालय वंचित एवं बेसहारा बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को प्रतिमाह 1,000 रुपये तथा 14 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों को 2,500 रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
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