मंत्रियों-विधायकों को राहत, सुक्खू सरकार ने बहाल किया पूरा वेतन
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव (सीएस), एसीएस और उपायुक्तों (डीसी) का वेतन छह माह तक स्थगित करने का फैसला तीन माह में ही वापस ले लिया। अब इन्हें जुलाई में अप्रैल, मई और जून के एरियर के साथ पूरा वेतन मिलेगा।
रविवार को सचिवालय में हुई वित्त विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के आर्थिक हालात को पटरी पर लाने के लिए मंत्रियों-विधायकों समेत अधिकारियों की विभिन्न श्रेणियों के वेतन में कटौती का निर्णय अपनी बजट घोषणा के दौरान लिया था। इसे 1 अप्रैल से लागू किया गया था, जिसमें सीएम का 50 फीसदी, विधानसभा अध्यक्ष और मंत्रियों का 30, विधायकों का 20, मुख्य सचिव से लेकर सचिव स्तर के अफसरों का 30 और इससे नीचे की श्रेणियों का 20 से लेकर 3 फीसदी तक वेतन छह माह तक स्थगित करने का फैसला लिया था।
हालांकि क्लास ए और बी के अधिकारियों के वेतन कटौती के फैसले को 15 अप्रैल को वापस ले लिया था।रविवार को लिए फैसले के बारे में सीएम सुक्खू ने राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिस व्यवस्था परिवर्तन से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने का सोचा था, उस दिशा में हिमाचल आगे बढ़ा है। केंद्र ने राज्य का राजस्व घाटा अनुदान रोका है, लेकिन हमारे आर्थिक सुधारों से प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक हुई है। कुछ फैसलों से कर्मियों को तकलीफ हुई, मगर यह लंबे समय के लिए नहीं थी।सीएम ने कहा कि आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद किए हैं। बिजली बोर्ड को 2,200 करोड़ की ग्रांट देते थे। अब 1,000 करोड़ दे रहे हैं। पहले एक परिवार दस-दस मीटरों पर सब्सिडी लेता था। अब सरकार ने दो मीटर पर ही 125-125 यूनिट का लाभ देने का प्रावधान किया।


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