उद्यमियों को ऑनलाइन सरकारी खरीद प्रक्रिया और विकास योजनाओं की दी गई जानकारी
शिमला,रिपोर्ट नवीन शर्मा
उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा थानेदार पंचायत, जिला शिमला में “मार्केटिंग एंड डिजिटल लिटरेसी एंड डिजिटल टूल्स फॉर ब्रांड बिल्डिंग”, जीईएम (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल तथा एमएसई-सीडीपी योजना पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों एवं एमएसएमई इकाइयों को डिजिटल सशक्तिकरण, सरकारी खरीद प्लेटफॉर्म तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें लाभान्वित करना था।
कार्यशाला में कोटगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के 30 से अधिक उद्यमियों एवं एमएसएमई इकाइयों से जुड़े प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में नवनिर्वाचित प्रधान, थानेदार पंचायत, श्रीमती सुचेता ठाकुर, एक्सटेंशन ऑफिसर श्री यशपाल तथा रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर श्री अजय कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों ने उद्यमियों को डिजिटल तकनीकों के माध्यम से व्यवसाय विस्तार और सरकारी योजनाओं के अधिकतम लाभ के उपयोग पर मार्गदर्शन दिया।कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में श्री पुनीत कुमार ने “मार्केटिंग एंड डिजिटल लिटरेसी एंड डिजिटल टूल्स फॉर ब्रांड बिल्डिंग” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रभावी उपयोग, ऑनलाइन ब्रांड निर्माण, ग्राहक सहभागिता, डिजिटल विज्ञापन तथा विभिन्न डिजिटल टूल्स के माध्यम से व्यवसाय वृद्धि के तरीकों की जानकारी दी।
द्वितीय सत्र में सुश्री विदिशा शर्मा ने एमएसई-सीडीपी (माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम) योजना की विशेषताओं, क्लस्टर विकास के लाभ, वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग तथा एमएसएमई इकाइयों के लिए उपलब्ध अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।तृतीय सत्र में श्री तुषार ने जीईएम पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया, प्रोडक्ट लिस्टिंग, सरकारी खरीद में भागीदारी, टेंडर प्रक्रिया तथा एमएसएमई इकाइयों के लिए उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से अपने व्यवसाय से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका संतोषजनक समाधान किया गया। उपस्थित उद्यमियों ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।अंत में विभागीय अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल मार्केटिंग, जीईएम पोर्टल और एमएसई-सीडीपी जैसी योजनाएं स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से एमएसएमई इकाइयों को नई संभावनाओं के साथ-साथ सरकारी सहायता योजनाओं की बेहतर जानकारी मिलती है, जिससे क्षेत्र में उद्यमिता और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

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