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DLRC-DCC बैठक में विकास योजनाओं पर मंथन

                                           वित्तीय समावेशन और कृषि विकास पर बनी नई रणनीति

धर्मशाला,रिपोर्ट नवीन शर्मा 

जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) एवं जिला स्तरीय बैंक सलाहकार समिति (डीसीसी) की बैठक में स्वरोज़गार को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक मदद प्रदान करने हेतु जिला कांगड़ा के बैंकिंग क्षेत्र में कार्यान्वित की जा रही योजनाओं के परिणामों, प्रभावों व प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में मार्च 2026 तिमाही तक बैंकों के प्रदर्शन, वित्तीय समावेशन, कृषि, डेयरी फार्मिंग व पशुधन ऋण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और डिजिटल बैंकिंग के विस्तार से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने बताया कि जिला कांगड़ा के बैंकों ने वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 8984.84 करोड़ रूपये के वार्षिक ऋण लक्ष्य के मुकाबले 8955.99 करोड़ रूपये का ऋण वितरण कर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार, उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा विकास की गति को मजबूत करने का प्रमाण है।उन्होंने बताया कि जिले में कुल बैंक जमा धनराशि बढ़कर 51167.36 करोड़ रूपये हो गई है, जिसमें गत वर्ष की तुलना में 14.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कुल ऋण राशि 13.34 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 13545.15 करोड़ रूपये तक पहुंच गई है जो जिला की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का सकारात्मक संकेत है।उन्होंने कहा कि ढगवार मिल्क प्लांट की उत्पादन क्षमता को बनाए रखने के लिए दूध की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जाए और डेयरी मालिकों को इसके लिए उचित वित्तपोषण (फंडिंग) प्राप्त के अवसर प्रदान किये जाएं।उन्होंने निर्देश दिये कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को जोड़ने के लिए विशेष शिविर, जन-जागरूकता कार्यक्रम और ग्राहक संपर्क गतिविधियां आयोजित की जाएं।बैठक में कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए किसानों तक ऋण सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।

जिला में पिछले साल मार्च के अंत तक कृषि क्षेत्र को 1942.63 करोड़ रूपये की धनराशि कृषि ऋण के रूप में प्रदान की गई, जो कुल ऋण का 18.09 प्रतिशत आंकी गई। विनय कुमार ने बैंकों से किसानों की आय वृद्धि, कृषि यंत्रीकरण, कृषि अवसंरचना विकास तथा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से ऋण वितरण को और बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने मत्स्य एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास निधि जैसी योजनाओं के तहत कोल्ड चेन एवं भंडारण सुविधाओं सहित मजबूत अवसंरचना के विकास के लिए सभी हितधारकों से सहयोग का आह्वान किया ताकि कांगड़ा जिले में ऋण अवशोषण क्षमता को बढ़ाया जा सके।एडीसी ने कहा कि किसानों को नवीन तकनीक से जोड़ने के लिए ‘खेती बचाओ अभियान’ के अंतर्गत कृषिका ऐप के माध्यम से नए किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाए जाएं तथा एक जागरुकता अभियान भी चलाया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान संस्थागत बैंकिंग सेवाओं से जुड़ सकें।बैठक में शिमला के आईबीआई प्रबन्धक तरूण चौधरी ने परामर्श दिया कि बैंक खातों में नामांकन की प्रक्रिया को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें बैंकों को निर्देश दिए गए तथा ग्राहकों को भी नामांकन के महत्व के प्रति जागरूक करें। इसके अलावा किसानों एवं किसान उत्पादक संगठनों के लिए ऋण प्रवाह को सुदृढ़ करने हेतु ई-नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीद, ई-किसान उपज निधि तथा एनबीएफसी/एफपीओ के लिए क्रेडिट गारंटी योजना जैसी पोस्ट-हार्वेस्ट एवं डिजिटल ऋण पहलों के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने वित्त वर्ष 2027-28 के लिए संभाव्यतायुक्त ऋण योजना की तैयारी के मद्देनज़र हितधारकों के साथ प्री-पीएलपी चर्चाएं भी कीं।

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