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अमर सिंह की मौत पर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लगाये गम्भीर आरोप


  • धर्मशाला,अजय पाल
    पालमपुर उपमण्डल के पंचरुखी ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत भुआणा के पूर्व उप-प्रधान अमर सिंह का पिछले गुरुवार को राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में निधन हो जाने पर मृतक अमर सिंह के परिवार वालों ने अस्पताल प्रशासन पर गम्भीर आरोप लगाए है। जिस पर किसान नेता मनजीत डोगरा ने दुख प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की तथा कहा कि परिजनों द्वारा अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही बरतने के जो आरोप लगाए हैं मैं उनका समर्थन करते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार से जांच की मांग की मांग की है।




मनजीत डोगरा ने कहा कि अमर सिंह फोन के माध्यम से परिजनों को लगातार बता रहे थे कि मुझे यहां से निकाल लो यह लोग मुझे मार देंगे यहां मैं सुरक्षित नहीं हूं। यहां पानी तक के लिए कोई नहीं पूछ रहा है। परिवार वाले लगातार हाल जानने के लिए अस्पताल के अंदर जाने की कोशिश करते रहे लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी गुरुवार 11 बजे इनका फोन बंद हो गया । परेशानी की हालत में परिजन गेट के बाहर खड़े रहे। उन्होंने बताया कि रात 11 बजे उनका मृत शरीर परिजनों को सौंप दिया गया तथा घर में मृत शरीर को नहीं खोलने की हिदायत दी।

दिवंगत अमर सिंह के लड़कों अक्षय व अमित ने बताया कि पिछले सोमबार को उनके पिता की तबीयत खराब होने के चलते वो उन्हें पालमपुर अस्पताल ले गए वहां पर उनका कोरोना टेस्ट भी करवाया जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। शाम को उन्हें पालमपुर से टाण्डा मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया। लड़कों ने कहा कि दो दिन इलाज करने के बाद डॉक्टर ने कहा कि उनके पिता कोरोना पॉजिटिव हैं। इसलिए उन्हें दूसरे बार्ड में शिफ्ट कर रहे है, वहां पर आप उनके साथ नही रह सकते इसलिए आप बाहर ही रहें।

लेकिन उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें कोरोना पॉजिटिव की कोई रिपोर्ट नही दिखाई। वीरबार को 11 बजे के करीब उन्हें बताया जाता है कि उनके पिता की मृत्यु हो गई है आप उनकी डेडबॉडी ले जाओ। परेशानी की हालत में उन्होंने कहा कि हम अपने पिता का पार्थिव शरीर घर ले आये।
किंतु परिवार जनों ने जब घर में आकर मृतक शरीर खोला तो पूरे शरीर में चिरफाड की गई थी तथा जब संस्कार के लिए पार्थिक शरीर को ले जा रहे थे पूरे रास्ते लहू टपक रहा था। कोरोना संक्रमित व्यक्ति का इस तरह से चीर फाड़ करना कहां तक उचित है। परिजनों जब इस बात को लेकर अस्पताल प्रशासन से फोन पर परिजनों ने बात की तो अधिकारियों ने पहले कहा कि आपके पास फोटो है तो भेजो जब फोटो भेज दिए तो अधिकारियों ने फोन रिसीव करना बंद कर दिया जो कि अपने आप में प्रश्न चिन्ह है।

इस पूरे घटनाक्रम पर दुख व्यक्त करते हुए किसान नेता मंजीत डोगरा ने हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस घटना की जांच गहराइयों से करवाई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा ना दोहराई जाए।

इस विषय पर सीएमओ गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि इस संदर्भ में टांडा मेडिकल कॉलेज से ही सारी जानकारी मिल सकती है तथा पता किया जायेगा क्या कारण रहे।

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