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जिला सोलन में पहाड़ी मटर उत्पादकों को झेलना पड़ रहा है नुक्सान

                                        पहाड़ी मटर पर पड़ रही है भारी मार 

सोलन,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश की सोलन सब्जी मंडी में इन दिनों मटर के ढेर लगे हैं। लेकिन अब किसानों को पहाड़ी मटर के दाम कम मिलने शुरू हो गए हैं।इसकी वजह है महाराष्ट्र का मटर, जिसकी मंडियों में डिमांड है। दरअसल महाराष्ट्र का मटर मुंबई से लेकर पुणे और गुजरात की बड़ी मंडियों तक कुछ ही घंटों में पहुंच जाता है ,जबकि हिमाचल के मटर को मंडियों तक पहुंचने में 2 दिन तक लग जाते हैं जिसका नुकसान किसानों को होने लगा है। 

सोलन की सब्जी मंडी इन दिनों मानों हरी मटर से अटी पड़ी है। मटर उत्पादक अपनी मटर लेकर मंडी पहुंच रहे हैं लेकिन फिलहाल मंडी में किसानों को वो दाम नहीं मिल रहे हैं जो आज से करीब एक हफ्ते पहले मिल रहे थे। पहाड़ी मटर की डिमांड दिल्ली से लेकर हरियाणा और पंजाब से लेकर राजस्थान और महाराष्ट्र तक रहती है। किलो तक हिमाचल के किसानों की मटर बिकी थी. बाहरी राज्यों में 70 रुपये तक मटर का दाम मिला था।  

लेकिन अब महाराष्ट्र का लोकल मटर मंडियों में पहुंचना शुरू हो चुका है ऐसे में पहाड़ी लोकल मटर की डिमांड कम हो रही है क्योंकि बाहरी राज्यों की मंडियों में महाराष्ट्र का फ्रेश मटर 3 घंटे में ही मंडियों तक पहुंच रही है। ऐसे में हिमाचल का लोकल मटर 2 दिनों के बाद मंडी में पहुंच रहा है जिसकी वजह से दामों में उतार- चढ़ाव अब देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र के फ्रैश मटर की डिमांड भी अधिक है और उसके दाम भी कम होते हैं, जिसका खामियाजा हिमाचल के मटर उत्पादकों को उठाना पड़ रहा है। 



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