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पीएमएसबीवाई, पीएमजेजेबीवाई और एपीवाई ने जन सुरक्षा प्रदान करने के पूरे किये 8 साल

 केंद्रीय वित्त मंत्री  निर्मला सीतारामन ने कहा कि ये तीन जन सुरक्षा योजनाएं नागरिकों की भलाई लिए समर्पित हैं

शिमला,रिपोर्ट नीरज डोगरा 

 प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) की 8वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, तो आइए हम देखें कि इन योजनाओं ने कैसे लोगों के लिए किफायती बीमा और सुरक्षा मुहैया कराई, इन योजनाओं की उपलब्धियां और मुख्य विशेषताएं क्या हैं।

केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारामन ने इन तीनों जन सुरक्षा योजनाओं के पीछे की परिकल्पना को याद करते हुए कहा, “वर्ष 2014 में राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन को यह सुनिश्चित करने के प्राथमिक उद्देश्य के साथ शुरू किया गया था कि भारत के प्रत्येक नागरिक की पहुंच बैंकिंग सुविधाओं, वित्तीय साक्षरता और सामाजिक सुरक्षा कवरेज तक बढ़े। इस पहल के आधार पर, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई 2015 को देश में वित्तीय समावेशन को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन तीन जन सुरक्षा योजनाओं की शुरुआत की।“केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, "ये तीन सामाजिक सुरक्षा योजनाएं नागरिकों की भलाई के लिए समर्पित हैं, जो अप्रत्याशित जोखिमों, हानियों और वित्तीय अनिश्चितताओं की स्थिति में मानव जीवन की सुरक्षा के महत्व को स्वीकार करती हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य वंचित पृष्ठभूमि के लोगों को आवश्यक वित्तीय सेवाएं प्रदान करना है, जिससे उनकी वित्तीय कमजोरी दूर किया जा सके।

सीतारामन ने जन सुरक्षा योजनाओं की 8वीं वर्षगांठ पर आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 26 अप्रैल 2023 तक पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई के तहत क्रमश: 16.2 करोड़, 34.2 करोड़ और 5.2 करोड़ नामांकन किए गए हैं।पीएमजेजेबीवाई योजना के बारे में सीतारामन ने बताया कि इस योजना ने 6.64 लाख परिवारों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है और बीमा दावों के रूप में इन परिवारों को 13,290 करोड़ रुपये मिले।


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