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मंडी जिले के दुर्गम क्षेत्र धनयारा में बादल के फटने से हुई तबाही

                                   बादल फटने की वजह से आई बाढ़ में फसे 40 लोगो को निकाला सुरक्षित 

मंडी,रिपोर्ट संगीता मंडयाल 

मंडी जिले के धन्यारा गांव में मंगलवार देर शाम बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। लोगों की कई बीघा जमीन बह गई और संपर्क मार्ग बाधित हो गए। कई कारें भी दब गईं। रात होने के चलते नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है।  वहीं, बीडीओ विवेक भाटिया ने बताया कि  सुंदरनगर के दुर्गम क्षेत्र की पंचायत धन्यारा में बादल फटा है। इससे करला गांव में अधिक तबाही हुई है।


 
17 जून तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। मंगलवार को शाम तक प्रदेश में मौसम साफ रहा। धूप खिली रहने से ऊना में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। शाम को करीब सात बजे के बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में आए बदलाव से बारिश और ओलावृष्टि हुई। उधर, नाहन मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड की सीलिंग अंधड़ से गिर गई। इससे मरीजों को वहां से शिफ्ट करना पड़ा। 

जिला मंडी के दुर्गम क्षेत्र ग्राम पंचायत धनयारा में मंगलवार देर शाम बादल फटने से बाढ़ आने से भारी तबाही हुई है। इस घटना में दोगरी, हाड़ाबोई और करला गांव के लोगों की कई बीघा जमीन भी बाढ़ के पानी में बह गई है। बादल फटने से दो गाड़ियां पानी में बह गई हैं और कुछ गाड़ियों को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बादल फटने से एक गाय की भी मौत हो गई है। वहीं स्थानीय लोगों और प्रशासन ने करीब 4 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 40 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

जानकारी देते हुए ग्राम पंचायत धनयारा की प्रधान मीरा देवी ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे के आसपास क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। लोगों की कई बीघा जमीन बाढ़ में बह गई है और 2 गाड़ियों सहित 3 रेहड़िया भी बह गई है। बाढ़ में फंसे 40 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। क्षेत्र के सभी संपर्क मार्ग भी टूट गए हैं। उन्होंने बताया कि रात होने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी आ रही है। नुकसान का आंकलन सुबह होते ही लगाया जाएगा।वहीं मामले पर खंड विकास अधिकारी सुंदरनगर विवेक चौहान ने कहा कि ग्राम पंचायत धनयारा में हुए नुकसान को लेकर स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि बादल फटने से अचानक आई बाढ़ के कारण विभिन्न जगहों में फंसे हुए लोगों को उनके घरों में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। क्षेत्र में हुए नुकसान का आकलन राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।

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