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स्मार्ट सिटी में कई सूखे और खतरनाक पड़े लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं

                                                           स्मार्ट सिटी में सूखे पेड़ों से जान को खतरा

काँगड़ा,रिपोर्ट नेहा धीमान 

स्मार्ट सिटी में कई सूखे और खतरनाक पड़े लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। इन सूखे पेड़ों के गिरने से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन इसे प्रशासन, नगर निगम, वन निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी नजरअंदाज कर रहे हैं। 

कई सालों से ये पेड़ असुरक्षित हैं लेकिन इन्हें यहां से हटाने की कोई जहमत नहीं उठाई जा रही है। धर्मशाला में जिला मुख्यालय होने के कारण भी यहां रोजाना अधिकारी सड़कों से आवाजाही करते हैं। बावजूद इसके इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अकेले धर्मशाला शहर में ही 12 से अधिक ऐसे मुख्य स्थल हैं जहां सूखे और खतरनाक पेड़ लोगों की जान ले सकते हैं।करीब दो साल पहले भी प्रशासन ने कई जगह चिह्नित सूखे और खतरनाक पेड़ों को वन निगम को काटने के निर्देश दिए थे मगर दो साल बाद भी ये पेड़ सड़कों पर हादसों को न्योता दे रहे हैं। लगता है कि प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं। जोनल अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर के पास दो माह में दो बार पेड़ की बड़ी टहनियां गिर चुकी हैं। रविवार को भी इस हादसे में मेडिकल स्टोर के भवन को नुकसान पहुंचा है। इतना सब होने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अगर हादसे में किसी की जान जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।

इसके बारे में नगर निगम धर्मशाला की ट्री ऑफिसर तनवी गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में एसडीएम बेहतर बता पाएंगे। जुलाई में हुई बैठक में कई सूखे और खतरनाक पेड़ों को चिह्नित किया गया था।वहीं, एसडीएम धर्मेश रामोत्रा ने बताया कि पंद्रह से अधिक सूखे और खतरनाक पेड़ों को चिह्नित कर सूची वन विभाग और वन निगम को सौंप दी गई है। इन पेड़ों को काटने की प्रक्रिया को लेकर मंगलवार को बैठक होगी।





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