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भारतीय राज्य पेंशनर संघ के  वारिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने कहा प्रदेश सरकार पूरी तरह से कर्मचारी विरोधी साबित हुई

                    करोड़ों के ऋण लेकर सरकार चलाने वाली कांग्रेस ने अब पूरी तरह हाथ खड़े कर दिए हैं

पालमपुर,रिपोर्ट प्रवीण शर्मा 

 भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं भारतीय राज्य पेंशनर संघ के  वारिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने कहा कि आज प्रदेश सरकार पूरी तरह से कर्मचारी विरोधी साबित हुई है। करोड़ों के ऋण लेकर सरकार चलाने वाली कांग्रेस ने अब पूरी तरह हाथ खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों , पूर्व कर्मचारियों पर सरकार की कोई नजर नहीं है ।  शर्मा ने कहा कि प्रदेश के लगभग सभी विभागों पेंशनर काफी समय से प्रदेश सरकार से लंबित देय लाभ देने की मांग कर रहे हैं। मगर सरकार ने आज तक कोई उचित नीति नहीं बनाई न कोई सुनवाई  की, जिससे सभी पेंशनर निराश व हताश हैं। 

घनश्याम शर्मा ने कहा कि पेंशनरों की लंबित लाभ  जारी नहीं जल्द जारी नहीं करने पर  संघर्ष के लिए सड़कों  पर उतरना पड़ा यो उनको पूरा सहयोग दिया जाएगा।  शर्मा ने कहा कि अभी तक सरकार के पास पेंशन का एरियर, ग्रेच्यूटी लीव इन कैशमेंट व तीन किस्तें महंगाई भत्ते की काफी समय से लंबित है। शर्मा ने कहा कि इससे साफ है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार आज कर्मचारियों पूर्व कर्मचारियों के हितों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट की अदायगी नहीं हो पाई है। 01- 01-2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए - कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर संशोधित वेतनमानों के लाभ से वंचित रखा  गया है।  इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा का है। बिजली बोर्ड में ही अप्रैल माह से आज तक लगभग  125 करोड़ रुपए की ड्राइंग  लिमिट्स लंबित हैं। इसकी वजह से - पेंशनरों और कर्मचारियों के हुए आर्थिक लाभों की अदायगी नहीं हो पाई है। शर्मा ने कहा कि उसी तरह अन्य कई विभागों में यह स्थिति बनी है कि कर्मचारियों व पूर्व कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ नहीं दिए गए हैं। जिससे अब कर्मचारियों का कांग्रेस सरकार से पूरी तरह विश्वास उठता  जा रहा है। घनश्याम शर्मा ने कहा कि सरकार की इस बेरुखी का करारा जबाव कांग्रेस को लोकसभा चुनावों में मिलने वाला है।




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