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जिला कांगड़ा में फरवरी से कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक चॉकलेट दिए जाएंगे

                                                स्वाद के साथ अब कुपोषण भी दूर करेगी चॉकलेट

काँगड़ा,रिपोर्ट नेहा धीमान 

स्वाद के साथ अब चॉकलेट बच्चों का कुपोषण दूर करेगी। पहले जिला कांगड़ा और फिर प्रदेशभर में कुपोषण को खत्म करने के लिए यह चॉकलेट बार मददगार साबित होंगे। हर दिन अलग-अलग प्रकार की चॉकलेट 2 से 5 साल के कुपोषित बच्चों को दी जाएंगी। इसमें प्रोटीन, फैट, आयरन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट की भरपूर मात्रा होगी, जो कुपोषित बच्चों को स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाने में मदद करते हैं। इसके अलावा बच्चों में खाना खाने की रुचि भी बढ़ेगी।

सीएसआईआर-आईएचबीटी पालमपुर (हिमालयन जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान) ने कुपोषित बच्चों के लिए छह प्रकार के चॉकलेट बार तैयार किए हैं। हर दिन अलग-अलग प्रकार के चॉकलेट बार कुपोषित बच्चों को पौष्टिक तत्व प्रदान करेगा। जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला कांगड़ा प्रशासन के सहयोग से फरवरी में जिला कांगड़ा में पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। ‘भरपूर’ योजना के तहत जिला के हर उपमंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों में कुपोषित बच्चों को यह चॉकलेट बार दिए जाएंगे।

इसके बाद यह योजना प्रदेशभर में चलाई जाएगी। मौजूदा समय में कांगड़ा में विभिन्न उपमंडलों के तहत 914 कुपोषत बच्चे हैं, जिसमें से 151 अति कुपोषित और 763 कम कुपोषित बच्चे हैं। अगले माह से इन सभी बच्चों को रोजाना अलग-अलग प्रकार के पौष्टिक चॉकलेट दिए जाएंगे। कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में दलिया, बिस्कुट आदि दिए जाते हैं। कई बच्चे इन्हें खाने से परहेज ही करते हैं, जिस वजह से बच्चों को जरूरी पौष्टिक तत्व नहीं मिल पाते हैं।




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