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आखिर क्यों नहीं शुरू हो सका इन्साफ संस्था द्वारा प्रस्तावित विक्रम बतरा वन विहार का निर्माण

 समाजसेवा में समर्पित इन्साफ संस्था ने अपना तृतीय वन महोत्सव शहीद कैप्टन विक्रम बत्तरा की समृति में विन्द्रावन में मनाया

पालमपुर,ब्यूरो रिपोर्ट 

उल्लेखनीय है कि चार वर्ष पूर्व 28 अगस्त 2020 को समाजसेवा में समर्पित इन्साफ संस्था ने अपना तृतीय वन महोत्सव शहीद कैप्टन विक्रम बत्तरा जी की समृति में विन्द्रावन में मनाया । जहां पौधा रोपण किया गया इन्साफ संस्था ने उस स्थल को शहीद कैप्टन विक्रम बतरा वाटिका के नाम पर विकसित करने का संकल्प लिया  । इस सुअवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि शान्ता कुमार जी व विशेष अतिथि शहीद विक्रम बतरा के परम पूजनीय पिता  गिरधारी लाल बतरा व माता कमल कांत बतरा के समक्ष इन्साफ संस्था ने अपनी सालाना गतिविधियों की रिपोर्ट  प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि से आग्रह किया कि प्रकृति के आपार सौन्दर्य से भरपूर इस स्थल को भी सौरभ वन विहार की तरह बिक्रम बतरा वन विहार के नाम से विकसित अर्थात संवारा जाये ।

इस प्रस्तावना को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अतिथि  शान्ता कुमार जी के इस विषय में समर्पित प्रयास , सांसद किशन कपूर जी के सार्थक सहयोग , वन मण्डल अधिकारी डा नितिन पाटिल की कड़ी मेहनत ओर इन्साफ संस्था की भाग दोड से तत्कालीन मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर जी की सरकार ने 2 करोड़ 10 लाख व केन्द्र में श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी की सरकार ने 2 करोड़ इस तरह कुल 4 करोड़ 10 लाख रुपये यहाँ प्रस्तावित बिक्रम बतरा वन विहार के लिए स्वीकृत किए । 

पूर्व विधायक ने कहा इस तरह वन मण्डल अधिकारी द्वारा तैयार की गई डी पी आर के आधार पर इन्साफ संस्था के प्रयासों से एक निर्धारित समय अवधि के भीतर भीतर धन राशि मंजूर होकर वन मण्डल के पास जमा हो गई बावजूद उसके लम्बा समय बीत गया यहाँ शहीदों के नाम पर भी राजनैतिक श्रेय लेने के चक्कर में काम आज दिन तक शुरू नहीं हो सका। पूर्व विधायक ने कहा काश ! कि काम शुरू हुआ होता तो शहीद की माता भी जीते जी अपने लाडले ओर पालमपुर के नहीं अपितु हिन्दोस्तान के इस शूरवीर की यादगार में बनने वाले इस स्मारक को देखकर जाती । पूर्व विधायक ने बताया कि जव चार वर्ष पहले इन्साफ संस्था ने उन्ही की गरिमामयी उपस्थिति में यह प्रस्तावना प्रेषित की थी तो उन्होंने बेहद प्रसन्नता व्यक्त की थी ओर बार बार पूछती थी कि काम कव शुरू होगा।



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