Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

9 प्रशिक्षु डाॅक्टरों को रैगिंग मामले मे गिरी गाज, 45 दिन के लिए सस्पैंड

                                    मेडिकल कॉलेज के 9 प्रशिक्षु डाक्टरों पर रैगिंग मामले में गिरी गाज, 45 दिन के लिए सस्पेंड

सिरमौर , ब्यूरो रिपोर्ट

9 एमबीबीएस प्रशिक्षु डाक्टरों को जूनियर छात्रों की रैगिंग करने पर जिला सिरमौर के डा. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन से 45 दिन के लिए बाहर रखा गया है, साथ ही उन पर 50000 से 50000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इस अवधि के दौरान सस्पैंड प्रशिक्षुओं को कक्षा में भी शामिल नहीं किया जाएगा। 


वास्तव में, 4 मार्च को मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के डिसैक्शन हॉल में 2022 बैच के एमबीबीएस प्रशिक्षुओं ने 2023 बैच के जूनियर छात्रों को रैग किया था। इस दौरान जूनियर छात्रों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग हुआ और गहमागहमी का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। हालाँकि, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने घटना की सूचना मिलते ही बचाव किया और हालात को नियंत्रित किया। 

बाद में, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने छात्र कल्याण सलाहकार कमेटी (छात्र कल्याण सलाहकार कमेटी) को प्रिंसीपल की अध्यक्षता में बनाया। 2022 बैच के 9 एमबीबीएस प्रशिक्षु डाक्टरों को कमिटी ने मामले में संलिप्त पाया और 45 दिनों के लिए सस्पेंड किया गया, साथ ही 50000 से 50000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।


 इन प्रशिक्षु चिकित्सकों को भी एक वर्ष के लिए खेलों और अन्य साहित्यिक कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। गौरतलब है कि यह मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का पहला बड़ा मामला हो सकता है। इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रहा है। प्रिंसीपल डा. राजीव तुली ने बताया कि 2022 बैच के 9 प्रशिक्षु डाक्टरों को जूनियर प्रशिक्षु छात्रों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग और रैगिंग पर 45 दिन की सस्पेंडिंग और 50000-50000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ये डॉक्टर भी कक्षा में नहीं आ सकेंगे। इन्क्वायरी कमेटी ने इसका निर्णय लिया है।


Post a Comment

0 Comments

शिक्षक का साथ ना होने के कारण हुई परिणाम में देरी