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शिक्षक का साथ ना होने के कारण हुई परिणाम में देरी

                                    शिक्षकों ने पहले बोर्ड की ओर से जारी डेटशीट बदलने का दबाव बनाया

धर्मशाला,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश के शिक्षक अगर साथ देते तो स्कूल शिक्षा बोर्ड सबसे पहले परीक्षा परिणाम निकालने वाला बोर्ड बनता। शिक्षकों ने पहले बोर्ड की ओर से जारी डेटशीट बदलने का दबाव बनाया, उसके बाद जब मूल्यांकन की बारी आई तो कई मूल्यांकन केंद्रों में शिक्षकों ने नियुक्ति ही नहीं दी। इससे मूल्यांकन शुरू ही नहीं हो पाया। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड प्रबंधन ने देश भर में सबसे पहले परीक्षा परिणाम निकालने का दावा किया था।

इसके लिए बोर्ड प्रबंधन ने विशेष तकनीक का भी इस्तेमाल किया था। बोर्ड प्रबंधन ने पुरानी तकनीक को बदलते हुए इस मर्तबा मूल्यांकन केंद्रों पर ही उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों को फीड करने की व्यवस्था की थी, जिसके लिए मूल्यांकन केंद्रों पर बोर्ड के कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था। इससे पहले मूल्यांकन कार्य के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों को बोर्ड मुख्यालय में कंप्यूटर पर फीड किया जाता था, जिसमें काफी समय बर्बाद होता था। 

इस बार बोर्ड प्रबंधन ने इस कार्य की व्यवस्था मूल्यांकन केंद्रों पर ही की थी। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने देश भर में सबसे पहले परीक्षा परिणाम निकालने को विशेष योजना बनाई थी। बोर्ड की यह योजना पहले डेटशीट में बदलाव और बाद में शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन कार्य के लिए ड्यूटी ज्वाइन न करने से सिरे नहीं चढ़ पाई है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड मई माह के पहले सप्ताह में परीक्षा परिणाम को घोषित कर देगा।





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