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जिला चम्बा में फ्रासबीन ने किसानों की जिंदगी में भरे खुशियों के रंग

                                                 कम फसल होने के बावजूद किसानो को बेहतर दाम 

चम्बा,ब्यूरो रिपोर्ट 

जिले के मैहला ब्लॉक में फ्रासबीन की फसल किसानों के चेहरों पर खुशियों के रंग ले आई है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार ढाई से तीन गुना ज्यादा दाम मिलने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।किसानों का कहना है कि कम फसल होने के बावजूद उन्हें इस बार बेहतर दाम मिल रहे हैं। कहा कि पिछले साल पैदावार अच्छी हुई थी तो दाम अच्छे नहीं मिले थे।किसानों ने कहा कि वर्तमान में जिले के कीड़ी और लग्गा क्षेत्र में फ्रासबीन की फसल तैयार है।

अप्रैल में बारिश के बाद क्षेत्र में फ्रासबीन का सीजन एक माह देरी से शुरू हुआ है। फ्रासबीन की फसल ढाई महीने में तैयार हो जाती है। अधिकतर किसान वर्ष में फ्रासबीन की दो बार फसल उगाते हैं। किसानों ने कहा कि इस बार फ्रासबीन 70 से 80 रुपये किलो बिक रही है। यह पछले साल के मुकाबले काफी बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल सब्जी की पैदावार अधिक हुई थी, लेकिन बेहतर दाम नहीं मिलने से किसान निराश थे। इस बार कम फसल होने के बावजूद बेहतर दाम मिल रहे हैं। पिछले साल करीब सौ क्विंटल फ्रासबीन की पैदावार हुई थी। इस बार इसकी पैदावार 70 से 80 क्विंटल तक हुई है। 

इस बार कई जगह तो किसानों को सौ रुपये प्रतिकिलो तक दाम मिल रहे हैं। किसानों ने उनकी फसल जिले में ही बिक जाती है। सीजन में दूसरी बार फ्रासबीन की पैदावार होने पर फसल को बाहरी जिलों में बेचा जाता है।किसानों में संजीव कुमार, खेम राज, लोकिनंद, जीवन कुमार, रवि कुमार और राजीव कुमार ने कहा कि पिछले साल किसान दाम अच्छे न मिलने पर कमाई अच्छी नहीं कर पाए। इस बार ढाई से तीन गुना अधिक दाम मिल रहे हैं। कहा कि वह हर साल फ्रासबीन की खेती से खर्च काटकर मुश्किल से 50 हजार रुपये तक कमाई होती थी। इस साल भी उन्होंने उतनी ही जमीन पर फ्रासबीन की खेती की है, लेकिन दाम अच्छे मिल रहे हैं। उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने कहा कि कीड़ी और लग्गा क्षेत्र में फ्रासबीन की फसल तैयार हो चुकी है। इस बार किसानों को पिछले से अच्छे दाम मिल रहे हैं।





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