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आखिर क्या काम दिया गया मिड-डे मील वर्कर्स को?

                                                   मिड-डे मील वर्कर स्कूलों में किचन गार्डन करेंगे तैयार

सोलन,ब्यूरो रिपोर्ट 

हिमाचल प्रदेश के सभी स्कूलों में मिड-डे मील वर्कर किचन गार्डन तैयार करेंगे। शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी स्कूलों के लिए इसको लेकर आदेश भी जारी कर दिए हैं। किचन गार्डन से बच्चों को ताजी सब्जियां, सलाद परोसे जाएंगे। जिन स्कूलों में किचन गार्डन के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, वहां पर स्कूल की छत्त या फिर गमले, पॉली बैग में सब्जियां उगाई जाएंगी। इस कार्य के लिए एमडीएम वर्करों को भी करीब एक घंटे का समय देना होगा। 

प्रदेश के प्री प्राइमरी से 8वीं तक 21,500 एमडीएम वर्कर 5.34 लाख बच्चों को खाना तैयार कर रहे हैं।प्रदेश में मिड-डे मील योजना के तहत हर स्कूल में किचन गार्डन स्थापित किया जाएगा। इस योजना के तहत स्कूलों में ही सब्जियां उगाकर दोपहर का खाना तैयार किया जा सकेगा। मिड-डे मील के लिए बाजार से सब्जियां भी नहीं खरीदनी पड़ेंगी। किचन गार्डन में पर्यावरण के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए उन्हें भी जोड़ा जा सकता है। स्कूल में बैग फ्री डे के दिन बच्चों को इसमें शामिल किया जा सकता है।

जिला सोलन एमडीएम नोडल अधिकारी राज कुमार पराशर ने बताया कि मिड-डे मील बना रहे सभी स्कूलों को किचन गार्डन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि उनके पास जगह नहीं है, तो भी वह गमले या पॉली बैग में न्यूट्रीशियन गार्डन तैयार करेंगे। यह स्कूलों के लिए अनिवार्य किया गया है।एमडीएम प्रदेश नोडल अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि स्कूलों में बच्चों और स्टाफ के सहयोग से किचन गार्डन स्थापित किए जाएंगे। प्री प्राइमरी से लेकर 8वीं तक के बच्चों को मिड डे मील दिया जाता है। इस गार्डन में सब्जियों के साथ न्यूट्रीशियन वाले फल भी उगाए जा सकते है।





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