तहसीलदार विवाद: खली ने मीडिया से की खुलकर बात, प्रशासन पर उठाए सवाल
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
तहसीलदार विवाद मामले में अंतरराष्ट्रीय रेसलर दलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट खली एक बार फिर मीडिया के सामने आए।। मंगलवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में खली ने खली ने आरोप लगाया कि देवों व वीरों की भूमि पांवटा साहिब में ऐसे भ्रष्टाचारी अफसर बैठे हैं, जिन्हें लगता है कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
सारा पांवटा साहिब बेच दिया गया है। कहा कि वे अधिकारी जरूर है लेकिन संविधान से ऊपर नहीं है। उन्होंने पांवटा साहिब के राजस्व विभाग पर जमीनों के दस्तावेजों में बड़ी हेराफेरी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों ने उनके करीब 16 बीघा जमीन में दस्तावेज में कई धोखाधड़ी की है। इसमें करीब 12 बीघा जमीन को खड्ड बता दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलदार समेत कई बड़े अधिकारी इस पूरे गड़बड़झाले में शामिल हैं और क्षेत्र के 100 से अधिक लोगों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी हुई है। खली ने बताया कि पांवटा साहिब के सूरजपुर गांव में उन्होंने 12 से 13 साल पहले 16 बीघा जमीन खरीदी थी लेकिन अब राजस्व विभाग उनकी जमीन को किसी और का बता रहा है और उनके करीब 12 बीघा जमीन को खड्ड में बताया जा रहा है।
इसी तरह से गांव सूरजपुर और भाटांवाली गांव में 100 से अधिक लोगों के साथ भी बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया है। लोगों की पुश्तैनी जमीन को इधर से उधर करने के आरोप है। उन्होंने राजस्व विभाग पर खसरा नंबरों में हेराफेरी कर लोगों की जमीन अन्य लोगों को गैरकानूनी तरीके से बेचने और दस्तावेजों से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की की इस मामले की जांच के लिए गठित की गई कमेटी को भी बदला जाए और ईमानदार अधिकारियों की एक नई टीम गठित कर पूरे गड़बड़झाले का खुलासा किया जाए। इस मामले में उन्होंने तहसीलदार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके साथ ही सूरजपुर के रहने वाली परमजीत कौर, जसवीर कौर ने भी उनकी जमीन के दस्तावेजों में छेड़छाड़ और धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलेंगे और जांच की मांग करेंगे।
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