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राज्यसभा टिकट न मिलने पर आनंद शर्मा की प्रतिक्रिया

                                                 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा का बड़ा बयान

शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट 

पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा राज्यसभा के लिए कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार माने जा रहे थे। वह गुरुवार को शिमला में ही थे। पर अपना नाम तय नहीं होने पर आनंद शर्मा ने प्रतिक्रिया दी कि सच बोलना अब राजनीतिक अपराध है। राजनीति में स्वाभिमान की कीमत चुकानी पड़ती है। आनंद शर्मा ने कहा कि उन्होंने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी का भी समय देखा है। 

उन्होंने कहा कि वह सच बोलते रहेंगे। आनंद का यह बयान उनसे जुड़े जी 23 विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व में बदलाव की बात की थी। संभवतया सच बोलने की कीमत चुकाने वाला उनका बयान इसी ओर इशारा कर रहा है।गुरुवार को शिमला में एएनआई से बातचीत में आनंद शर्मा ने कहा कि उन्हें कुछ नहीं करना है और न ही उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार के चयन के बारे में कोई जानकारी है। इस बारे में कांग्रेस की सुप्रीम कमान ही कुछ कह सकती है, जिन्होंने फैसला किया है और जिनके कहने पर फैसला होता है, वे ही बता सकते हैं। वह इस स्थिति में नहीं हैं और न ही कोई टिप्पणी कर सकते हैं। आनंद शर्मा ने कहा कि उनका राजनीति में 50 वर्षों का कॅरिअर है। वह निराशा तो नहीं कहेंगे, एक बात जरूर कहेंगे कि राजनीति में स्वाभिमान बहुत महंगा होता है और उसकी कीमत चुकानी होती है। उन्होंने दशकों तक हिमाचल प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने कई संस्थान कांगड़ा, मंडी आदि में बनाए हैं।

 ये हिमाचलियों को याद रहेंगे। शिमला उनका घर है। वह यहां आते रहेंगे। वह हाईकमान को इस विषय पर कुछ नहीं कहेंगे।बता दें, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा करीब 50 वर्ष से राजनीति में हैं। बीते लोकसभा चुनाव में कांगड़ा संसदीय सीट से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी रहे।  हालांकि, वे चुनाव हार गए थे। आनंद  राज्यसभा में विपक्ष के उप नेता रह चुके हैं। शिमला से संबंध रखने वाले आनंद शर्मा मनमोहन सिंह की दो सरकारों में केंद्रीय मंत्री रहे। हिमाचल प्रदेश और राजस्थान से दो-दो बार राज्यसभा सदस्य रह चुके आनंद की छवि राष्ट्रीय स्तर के नेता की रही है। आनंद शर्मा शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र से 1982 चुनाव लड़े थे, जिसमें उन्हें भाजपा के प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था।केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा की ओर से सच बोलने की सजा मिलने और स्वाभिमान की कीमत चुकाने के बयान पर पूछे जाने पर सीएम सुक्खू ने कहा कि वह यह कह सकते हैं कि पार्टी के हुक्म का ही पालन किया जाता है। इसमें सच और झूठ की कोई बात नहीं है। उन्होंने कि इसमें तो केवल राजनीतिक बात है। जो प्रत्याशी हैं, वह पार्टी की विचाराधारा का प्रतिनिधित्व करेंगे। 


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