पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नशा तस्करी के मास्टरमाइंड को दबोचा
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
शिमला जिले और अपर शिमला में चिट्टा तस्करी का नेटवर्क बिछाने वाला शाही महात्मा गिरोह से जुड़ा मुख्य तस्कर रांटा उर्फ प्रदीप कुमार को भी पुलिस ने रोहड़ू से गिरफ्तार कर लिया है। सितंबर 2024 से शाही महात्मा गिरोह का मुख्य तस्कर रोहड़ू के गांव बिजौरी का निवासी प्रदीप कुमार उर्फ रांटा पुलिस को चकमा देकर बच रहा था। आरोपी को पुलिस ने न्यायालय में पेश करने के बाद रिमांड पर लिया है और पूछताछ शुरू कर दी है। कोटखाई की पुलिस को 19 सितंबर 2024 को मुद्दसीर अहमद के कब्जे से 468.380 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। इसके बाद शाही महात्मा गिरोह के चिट्टा तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ था।
इसके बाद पुलिस ने गिरोह के सरगना संदीप शाह को गिरफ्तार किया था, लेकिन पुलिस को इस गिरोह के मुख्य तस्कर की तलाश थी। इस मामले में अभी तक कुल 57 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें इस गिरोह का मुख्य सरगना संदीप शाह उर्फ शाही महात्मा भी शामिल है। शाही महात्मा भी रोहड़ू के सीमा पंचायत का रहने वाला है।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी प्रदीप कुमार उर्फ रांटा शाही महात्मा के चिट्टा तस्करी नेटवर्क का प्रमुख सहयोगी था। वह बाहरी राज्यों से चिट्टा लाकर शाही महात्मा के साथ मिलकर रोहड़ू क्षेत्र में नशे का कारोबार चला रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी मुद्दसीर अहमद मोची की गिरफ्तारी के बाद प्रदीप कुमार उर्फ रांटा शाही महात्मा के साथ फरार हो गया था। बाद में शाही महात्मा को तो पुलिस ने दबोच लिया, लेकिन प्रदीप लगभग डेढ़ साल से लगातार फरार चल रहा था और पुलिस को चकमा दे रहा था। वीरवार को थाना कोटखाई और सब डिविजन ठियोग की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्य एवं गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस के अनुसार शाही महात्मा गिरोह के नेटवर्क से करीब लगभग 500 से अधिक लोग जुड़े हैं। इस मामले में अभी और खुलासे होने की आशंका है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि मुख्य नशा तस्कर के गिरफ्तार के बाद पुलिस को कुछ और सुराग मिलने की संभावना है।नशा तस्करों के खिलाफ जिला पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने बार-बार चिट्टा समेत अन्य मादक पदार्थ की तस्करी में पकड़े जाने वाले चार और आरोपियों को 3 महीने के लिए जेल भेज दिया है। चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। गृह विभाग से मंजूरी मिलने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को अलग-अलग स्थान से गिरफ्तार किया है। पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत जिला पुलिस अभी तक 17 लोगों को जेल भेज चुकी है। इसमें कई ऐसे नशा तस्कर शामिल हैं जोकि दूसरे राज्यों से जिले में कई वर्षों से नशा तस्करी का अवैध कारोबार कर रहे थे। इसको देखते हुए जिला पुलिस ने इन सभी आरोपियों को प्रीवेंटिव डिटेंशन में गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई का मकसद जिले में नशे के नेटवर्क को तोड़ना और युवा पीढ़ी को चिट्टे जैसे सफेद जहर से बचाना है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मनोज उर्फ मन्ना निवासी गांव कार्याली, डाकघर मलूथी, तहसील एवं जिला शिमला शामिल है। मनोज उर्फ मन्ना के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत जिला शिमला और सोलन जिले में नौ मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2018 में पहला मामला दर्ज किया गया था और इसके बाद वह लगातार नशा तस्करी के मामलों में पकड़ा गया है।अन्वेषण एवं तकनीकी साक्ष्यों से यह स्थापित हुआ है कि मनोज उर्फ मन्ना संगठित ड्रग नेटवर्क का मुख्य संचालक है, जो पर्दे के पीछे से पूरे सिंडिकेट का संचालन करते हुए सह-अपराधियों को निर्देश एवं संसाधन उपलब्ध कराता रहा है। दूसरा आरोपी अंकित ठाकुर निवासी गांव व डाकघर नीरथ, तहसील रामपुर है। इसके खिलाफ चिट्टा तस्करी के दो केस दर्ज हैं। वर्ष 2025 में आरोपी को 47.74 ग्राम चिट्टे और वर्ष 2023 में 30.88 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा जा चुका है। पुलिस का दावा है कि खुफिया सूचनाओं एवं अभिलेखों के अनुसार यह मादक पदार्थों के वितरण एवं बिक्री में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। तीसरा आरोपी गोविंद सिंह गांव बठारा डाकघर शाहधार, रामपुर जिला शिमला को तीन मामलों में गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2023 में आरोपी से पुलिस थाना कुमारसैन के अंतर्गत 6.30 ग्राम हेरोइन, पुलिस थाना रामपुर के अंतर्गत 2024 में 87.87 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। तीसरे मामले में 2025 में 6.13 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। चौथा आरोपी लोकिंदर कंवर दो बार गिरफ्तार किया गया है। पुलिस थाना कोटखाई के तहत वर्ष 2022 में 52.75 ग्राम चरस और 03.17 ग्राम चिट्टे और पुलिस थाना कोटखाई के अंतर्गत वर्ष 2024 में 30.640 ग्राम हेरोइन/चिट्टे के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।


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