छात्रों को राहत: एलडीआर टेस्ट से वंचित नहीं होंगे फीस न भर पाने वाले अभ्यर्थी
काँगड़ा,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से 22 फरवरी को आयोजित होने वाली सीमित सीधी भर्ती (एलडीआर) के लिए बोर्ड की ओर से निर्धारित किए गए शुल्क को जमा नहीं करवाने वाले अभ्यर्थी भी टेस्ट में बैठ सकेंगे। इन अभ्यर्थियों के परिणाम को शिक्षा बोर्ड तब तक जारी नहीं करेगा, जब तक वे फीस जमा नहीं करवा देते। जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 23 दिसंबर से 15 जनवरी तक ऑनलाइन माध्यम से सीमित सीधी भर्ती (एलडीआर) के लिए आवेदन मांगे थे।
1,427 पदों को भरने के लिए होने वाली इस लिखित परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से 3,000 रुपये शुल्क जमा करवाने को कहा था। ये पद केवल हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में सेवारत एसएमसी शिक्षकों के लिए आरक्षित थे।इस दौरान जिन्होंने न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा पूर्ण की हो और जो एसएमसी नीति 17-07-2012 के तहत नियुक्त थे और जिनके पास प्रासंगिक एवं लागू आरएंडपी नियमों के अनुसार आवश्यक शैक्षणिक योग्यता है, वही इसके लिए आवेदन करने के लिए पात्र थे। इसके बाद स्कूल शिक्षा बोर्ड के पास 1534 आवेदन पहुंचे थे, लेकिन इनमें से 97 अभ्यर्थियों ने फीस ही जमा नहीं करवाई थी। इसके चलते शिक्षा बोर्ड ने इन आवेदनों को रद्द करने की बात कही थी। वहीं अब शिक्षा बोर्ड ने फीस जमा न करवाए जाने वाले इन अभ्यर्थियों को राहत देते हुए उन्हें 22 फरवरी को धर्मशाला, मंडी और शिमला में होने वाले टेस्ट में बैठ सकेंगे।
बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि फीस जमा न करवाने वाले परीक्षा दे सकेंगे, लेकिन उनके परिणाम को फीस देने के बाद ही घोषित होंगे।हिमाचल विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के 24 बीटेक विद्यार्थियों का देश की नामी कंपनियों में आकर्षक सैलरी पैकेज के साथ प्लेसमेंट हुआ है। नामी कंपनी इंफोसिस की ओर से जेपी विश्वविद्यालय वाकनाघाट में जून 2025 और जनवरी 2026 में दो बार हुए कैंपस इंटरव्यू में शामिल हुए विद्यार्थियों में संस्थान के बीटेक आइटी, सीएसई और इसीई के 22 विद्यार्थियों का 36 लाख के वार्षिक सैलरी पैकेज के लिए चयन हुआ है। वहीं, दूसरे दौर की भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए दो विद्यार्थियों का क्रमशः 10 लाख वार्षिक के साथ एक लाख नियुक्ति बोनस और 6.5 ला वार्षिक के साथ 75,000 नियुक्ति बोनस के पैकेज के लिए चयनित हुए है। विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी संस्थान (यूआईटी) के निदेशक प्रो. अमरजीत सिंह ने संस्थान के विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए संस्थान के आईटी और सीएसई के प्लेसमेंट अधिकारी सुनील कुमार और डा. राजेश चौहान और प्लेसमेंट पाने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी।


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