पब्लिक Wi-Fi पर डेटा चोरी का खतरा, तुरंत बदलें ये आदतें
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 'फ्री इंटरनेट' की सुविधा अब साइबर सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे क्षेत्रों में सार्वजनिक वाई-फाई का बढ़ता चलन हैकर्स के लिए संवेदनशील जानकारी चुराने का आसान जरिया बन गया है।
हालिया रिपोर्टों और पुलिस की चेतावनियों के आधार पर, यहाँ इस खतरे का विश्लेषण और बचाव के उपाय दिए गए हैं।शिमला के माल रोड और रिज जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्यटक अक्सर बिना किसी सुरक्षा जांच के उपलब्ध ओपन नेटवर्क से जुड़ जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन असुरक्षित नेटवर्क के जरिए अपराधी आपके डिवाइस में सेंध लगा सकते हैं।आपकी ऑनलाइन गतिविधियों, जैसे ईमेल और सोशल मीडिया चैट्स पर नजर रखी जा सकती है। पासवर्ड, बैंक विवरण और ओटीपी (OTP) हैकर्स के हाथ लग सकते हैं। आपकी निजी फाइलों और फोटो का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी ने नागरिकों और पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग केवल सामान्य जानकारी खोजने (ब्राउजिंग) तक ही सीमित रखना चाहिए।ओपन वाई-फाई पर कभी भी यूपीआई (UPI) भुगतान या नेट बैंकिंग का उपयोग न करें।अपने मोबाइल की सेटिंग्स में जाकर 'ऑटो-कनेक्ट' फीचर को डिसेबल करें ताकि आपका फोन अनजाने में किसी संदिग्ध नेटवर्क से न जुड़े।अपने सभी अकाउंट्स पर 'टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' (2FA) सक्रिय करें।अनजान नेटवर्क पर रहते हुए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई ऐप डाउनलोड करें।


0 Comments