हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में मौसम बदलते ही लाहौल-स्पीति के रोहतांग और शिंकुला दर्रा में बुधवार को हल्की बर्फबारी हुई। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शिंकुला दर्रा को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने से गर्मी का दौर जारी रहा।
पांच जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और मंडी में बुधवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में वीरवार को तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते 17 मार्च तक प्रदेश के कई भागों में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। बुधवार को राजधानी शिमला सहित ऊंचाई वाले अधिकांश क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहे। मौसम के करवट बदलने से पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय फिर ठंडक बढ़ गई है।उधर, पुलिस थाना जांस्कर की ओर से जारी सार्वजनिक परामर्श में बताया गया है कि लगातार हो रही बर्फबारी के कारण शिंकुला दर्रे पर सड़क सफर के लिए सुरक्षित नहीं है।
ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है। लाहौल-स्पीति प्रशासन ने भी इस रूट को अस्थायी तौर पर मौसम खुलने तक बंद कर दिया है।वीरवार को कुल्लू और लाहौल में वीरवार सुबह से मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। लाहौल में बर्फबारी शुरू हो गई है। वहीं, मनाली में भी हल्की बारिश हो रही है। बारिश के बाद करीब डेढ़ माह से चल रहे ड्राई स्पैल के टूटने के आसार हैं। बागवानों व किसानों को बारिश शुरू होने से उम्मीद जगी है।धर्मशाला में वीरवार को मौसम ने करवट ले ली है। यहां सुबह से ही बारिश का दौर शुरू हो गया। इसके चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं, मौसम भी ठंडा हो गया है। अब लोगों को दोबारा गर्म कपड़े निकालने पड़ गए हैं।वीरवार सुबह कुल्लू के भुंतर में ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि से प्लम को भारी नुकसान हुआ है। प्लम के पौधों में इन दिनों फूल खिले हुए थे। ओले गिरने का क्रम कुछ देर तक जारी रहा। हालांकि कुल्लू में लोगों को गर्मी से निजात मिली है।


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