जांच के दौरान ईडी ने धोखाधड़ी से अर्जित संपत्तियों को अटैच किया
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शिमला ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में अहम कार्रवाई करते हुए 1.69 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को लौटा दी हैं। यह कार्रवाई अरविंद कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में की गई है।
इससे पहले इसी मामले में 1.44 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां बैंक ऑफ इंडिया को भी लौटाई जा चुकी हैं। इस प्रकार मामले में अब तक कुल 3.13 करोड़ रुपये की संपत्तियां पीड़ित बैंकों को वापस की जा चुकी हैं।ईडी ने यह जांच ऊना जिले के हरोली थाना में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि अरविंद कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड और अन्य आरोपियों ने वर्ष 2014 में वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने के लिए फर्जी और जाली दस्तावेजों का सहारा लिया। आरोप है कि आरोपियों ने ऋण राशि को निर्धारित उद्देश्यों के बजाय अन्य संबंधित संस्थाओं में डायवर्ट कर दिया, जिससे बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
जांच के दौरान ईडी ने करीब 3.51 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था, जिसे पीएमएलए के अधिनिर्णायक प्राधिकरण ने भी पुष्ट किया था। बाद में ईडी ने पीएमएलए विशेष न्यायाधीश, धर्मशाला के समक्ष अभियोजन शिकायत भी दाखिल की, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया।पीएमएलए अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों को वास्तविक पीड़ितों को लौटाने के उद्देश्य से ईडी ने अदालत में नो ऑब्जेक्शन प्रस्तुत किया था। इसके आधार पर पीएमएलए विशेष न्यायाधीश धर्मशाला ने 26 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर 1.69 करोड़ रुपये की संपत्तियां एसबीआई को वापस करने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई से पीड़ित बैंकों को आंशिक राहत मिली है।


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