रणधीर का पलटवार: खुश करने के लिए पद देना गलत
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
पुलिस और अन्य संगठनों की मांगों पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की ओर से लाए गए कटौती प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा विधायकों ने कार्यवाहक मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक लगाए जाने का मामला उठाया। इसके लिए सरकार पर जुबानी प्रहार किए।
ऊना के भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि मुख्य सचिव और डीजीपी दोनों ही ट्रेनी रखे गए हैं। इतना भी क्या है कि नियमित नहीं रखा जा सकता। नयना देवी के भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि क्या डीजीपी को भी सबलेट किया जा सकता है। एक व्यक्ति ने डीजीपी बनना है और कुछ दिन बाद सेवानिवृत्त होना है।खुश करने के लिए पद देना सही नहीं। डीजीपी को अवकाश पर भेजकर ऎसा किया गया। न मुख्य सचिव और न ही डीजीपी कार्यवाहक होना चाहिए।
जब रणधीर शर्मा यह कह रहे थे तो कार्यवाहक डीजीपी श्याम भगत नेगी व अन्य अधिकारी दीर्घा में बैठे थे। बिलासपुर के भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि डीजीपी साहब कार्यकारी हैं। कार्यकारियों के माध्यम से काम करवाना चाहते हैं। विमल नेगी के केस में एक अनुशासित पुलिस बल की कैसे धज्जियां उड़ीं। इसे स्मरण करने की जरूरत है। डीजीपी पर गंभीर आरोप लगाए गए। पहली बार ऐसा हुआ कि एसपी, डीजीपी और अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अलग-अलग एफीडेविट फाइल किए।

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