बच्चों की बीमारियों से बचाव वाली वैक्सीन जांच में मानकों पर सही नहीं पाई गई
सोलन , धर्मशाला
केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (सीडीएल) कसौली में जांच के लिए भेजे गए बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाने वाली दो वैक्सीन के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। ये वैक्सीन निमोनिया, डिप्थेरिया (गलघोंटू), टिटनेस, काली खांसी, हेपेटाइटिस बी और हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी जैसी गंभीर बीमारियों के बचाव के लिए लगाई जाती हैं।
कुछ दिन पहले ही सीडीएल कसौली में सैंपल जांच के लिए आए थे। सैंपल फेल होने की जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दी गई है। वहीं से कंपनियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। हालांकि, अभी यह खुलासा नहीं हुआ है कि ये वैक्सीन किस राज्यों की कंपनियों की हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के टीकाकरण में इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन की गुणवत्ता में कमी होना चिंता का विषय है।
अप्रैल में सीडीएल कसौली में जांच के लिए भेजे गए 141 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए थे। इनमें 46 दवाएं हिमाचल प्रदेश में बनी थीं।
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