पंचायत आरक्षण पर नई नीति, 2010 को बनाया गया आधार वर्ष
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में जो पंचायतें पिछले दो चुनावों में आरक्षित रही हैं, वो इस बार ओपन होंगी। इसके लिए हिमाचल प्रदेश पंचायती राज निर्वाचन नियमावली 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में संशोधन होगा। संशोधन के तहत वर्ष 2010 को आधार वर्ष मानते हुए जो पंचायतें लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रहीं हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में आरक्षित नहीं किया जाएगा।
इस प्रस्ताव पर आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव भी लिए जाएंगे।शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया है। मंत्रिमंडल ने चंडीगढ़-शिमला-चंडीगढ़ हेली टैक्सी सेवा को सप्ताह में छह दिन करने को मंजूरी दी है। अब प्रतिदिन दो यानी सप्ताह में 12 उड़ानें होंगी। अभी तक सप्ताह में तीन उड़ानें ही होती थीं। सप्ताह में 12 उड़ानों के संचालन को सुचारु रखने के लिए सरकार इसे वित्त पोषित करेगी।बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियम 2010 में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई, जिसके तहत निराश्रित शब्द को अधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है और लाभ प्राप्त करने के लिए प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार परितयक्ता यानी वे महिलाएं जिन्हें उनके पतियों ने छोड़ दिया है या जो उनके साथ नहीं रह रही हैं और जिनकी आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है, उन्हें निराश्रित महिला माना जाएगा। उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलेगी।डॉक्टरों की तर्ज पर एलोपैथी में स्टाफ नर्स को हायर स्टडी में 40 प्रतिशत वेतन दिया जाता था।
उन्हें अब पूरा वेतन मिलेगा। आयुष के डॉक्टरों को भी हायर स्टडी में पूरा वेतन मिलेगा। बैठक में सिंगल विलेज स्कीम और मल्टी विलेज स्कीम के तहत गांवों में स्थापित अधोसंरचना के संचालन एवं रखरखाव नीति के तहत ग्राम पंचायतों को सौंपने की स्वीकृति दी गई।मंत्रिमंडल ने हिमुडा के पक्ष में 80 वर्ष की लीज देने की स्वीकृति दी, जिसके लिए हिमाचल प्रदेश लीज नियमावली 2013 के नियम 7 में संशोधन किया जाएगा। अभी तक हिमुडा को 40 वर्ष तक ही भूमि लीज की अवधि तय थी।कैबिनेट ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के तहत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 40 प्रतिशत चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को वित्तीय मदद देने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के तहत जल शक्ति विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन राज्य सरकार के संसाधनों से जारी करने का निर्णय लिया। कैबिनेट ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार की ओर से अभी तक इस मिशन के तहत धनराशि जारी नहीं की गई है।

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