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किन्नौर रूट से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर चर्चा में

                                                       हिमाचल सरकार केंद्र के सामने उठाएगी मुद्दा

किन्नौर,ब्यूरो रिपोर्ट 

किन्नौर जिले के शिपकी ला से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने का मामला हिमाचल प्रदेश फिर से केंद्र सरकार से उठाएगा। इस मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी जल्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे। 

कैलाश मानसरोवर हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। मई से सितंबर तक यह यात्रा चलती है।वर्तमान में यात्रा नेपाल (केरुंग/काठमांडू) मार्ग से 13 से 14 दिन, लिपुलेख दर्रा मार्ग से 22 से 24 दिन और नाथू ला मार्ग से करीब 21 दिन में पूरी होती है। हिमाचल सरकार का दावा है कि शिपकी ला मार्ग खुलने पर यह यात्रा महज 12 दिनों में पूरी हो सकती है, जिससे समय और खर्च दोनों में कमी आएगी।सरकार के अनुसार शिपकी ला की ऊंचाई लिपुलेख की तुलना में कम है, जिससे श्रद्धालुओं को सांस संबंधी दिक्कतें कम होंगी।

इस रूट से बेहतर सड़क संपर्क के चलते दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और उत्तर भारत में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश के होटल, होम स्टे संचालकों के अलावा ट्रैवल एजेंट्स को भी इससे लाभ होगा। शिपकी ला दर्रा होते हुए यात्रा शुरू करने के लिए बीच में महज तीन किलोमीटर सड़क बनाने की जरूरत पड़ेगी। पहाड़ी क्षेत्र न होने के कारण सड़क बनाना भी कोई बड़ी चुनौती नहीं है।  राजस्व मंत्री नेगी ने कहा कि किन्नौर रूट अन्य मार्गों की तुलना में छोटा और अधिक सुगम हो सकता है। फिलहाल यह मार्ग व्यापार के लिए सीमित है, लेकिन इसे धार्मिक यात्रा के लिए खोलना पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। 


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