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कायाकल्प अवार्ड में करसोग अस्पताल ने मारी बाज़ी, मिला द्वितीय स्थान

      स्वच्छता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दम पर सिविल अस्पताल करसोग बना आदर्श संस्थान

शिमला,रिपोर्ट नवीन शर्मा 

प्रदेश सरकार के प्रभावी प्रयासों और स्वास्थ्य सेवाओं में किए गए निरंतर सुधारों के परिणामस्वरूप नागरिक चिकित्सालय करसोग आज एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के रूप में उभरकर सामने आया है। कायाकल्प अवार्ड (कैटेगरी-2) में पूरे प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस उपलब्धि के लिए अस्पताल को 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।

करसोग जैसे दूरदराज क्षेत्र में स्थित इस अस्पताल में अब मेडिसन, गायनी, सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, डेंटल, मनोरोग एवं शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति से अल्ट्रासाउंड सुविधा भी शुरू हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, नई एक्स-रे मशीन, डिजिटल एक्स-रे सुविधा और प्रस्तावित सीटी स्कैन जैसी व्यवस्थाएं उपचार को और अधिक सशक्त बना रही हैं।अस्पताल में वेंटिलेटर सुविधा शुरू होने से गंभीर मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही जीवन रक्षक उपचार मिल रहा है। आईसीयू में आधुनिक बेड के साथ अलग वार्ड स्थापित किया गया है तथा प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। साथ ही एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की उपलब्धता से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को त्वरित और सुरक्षित उपचार सुनिश्चित हो रहा है।नागरिक चिकित्सालय करसोग में विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) स्थापित की जा रही है, जिसके लिए लगभग 50 लाख रुपये के आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। 12 बेड की इस इकाई के माध्यम से नवजात शिशुओं को उच्च स्तरीय उपचार स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा, जिससे रेफरल के मामलों में कमी आएगी।अस्पताल में डिजिटल कंप्यूटराइज्ड प्रिस्क्रिप्शन, ऑनलाइन पर्ची एवं आभा आईडी आधारित पंजीकरण प्रणाली लागू की गई है। एक्स-रे सेवाओं को भी डिजिटाइज किया गया है, जिससे मरीजों को रिपोर्ट मोबाइल पर उपलब्ध हो रही है। 

इसके साथ ही प्रतिदिन हेल्थ बुलेटिन जारी कर ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी और अन्य गतिविधियों की जानकारी सार्वजनिक की जाती है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास में वृद्धि हुई है।अस्पताल में टोकन सिस्टम लागू कर ओपीडी व्यवस्था को सुगम बनाया गया है। 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, अलग पंजीकरण व्यवस्था और नियमित स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही एचआईवी, टीबी और अन्य बीमारियों के प्रति जागरूकता के लिए फील्ड कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।कायाकल्प अवार्ड में द्वितीय स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि अस्पताल में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह उपलब्धि अस्पताल के चिकित्सकों, कर्मचारियों, स्थानीय प्रशासन, मीडिया तथा क्षेत्रवासियों के सामूहिक सहयोग और प्रयासों का परिणाम है।खंड चिकित्सा अधिकारी करसोग डॉ. गोपाल चौहान ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि नागरिक चिकित्सालय करसोग को 5 लाख रुपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ है, वहीं पीएचसी चुराग को मंडी जिला में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर 2 लाख रुपये का इनाम मिला है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन एवं मीडिया का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके सहयोग से स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सफलता मिली है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अस्पताल में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं, जिससे करसोग क्षेत्र के लोगों को घर-द्वार के समीप ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।

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