बिजली विभाग की KYC प्रक्रिया पर सवाल, रिकॉर्ड में मिलीं खामियां
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही सब्सिडी तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। बिजली बोर्ड की ओर से 100 फीसदी केवाईसी और राशन कार्ड लिंकिंग अभियान के दौरान बड़े स्तर पर डाटा गड़बड़ियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि कई उपभोक्ताओं की एक ही कंज्यूमर आईडी में कई नाम जोड़ दिए गए, जबकि कई मामलों में एक ही उपभोक्ता के नाम पर अलग-अलग राशन कार्ड दर्ज कर दिए गए। इससे हजारों पात्र उपभोक्ताओं की सब्सिडी रुक गई है और बिजली बिल बढ़ गए हैं।
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार नई सब्सिडी नीति लागू करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर में डाटा अपडेटिंग के दौरान कई त्रुटियां हुई हैं। खासतौर पर राशन कार्ड और बिजली कनेक्शन की लिंकिंग में गड़बड़ियों के कारण सिस्टम उपभोक्ताओं की सही पात्रता तय नहीं कर पा रहा। कई परिवारों को डुप्लीकेट मानकर स्वतः ही सब्सिडी सूची से बाहर कर दिया गया।
बिजली बोर्ड ने प्रभावित उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में जाकर राशन कार्ड, आधार और बिजली कनेक्शन संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन करवाएं, जिससे पात्रता सही तरीके से दर्ज हो सके और सब्सिडी का लाभ बहाल किया जा सके।
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