ग्रामीण विकास विभाग ने पूर्व आदेश वापस लेकर कर्मचारियों को फिर ड्यूटी में लगाया
काँगड़ा,ब्यूरो रिपोर्ट
प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत चुनावों के मद्देनजर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के समर्पित स्टाफ को चुनावी ड्यूटी से मुक्त रखने के अपने पिछले फैसले को वापस ले लिया है।इससे पहले ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक-सह-आयुक्त, राघव शर्मा (आईएएस) ने सभी जिला उपायुक्तों को पत्र लिखकर मनरेगा स्टाफ को चुनावी ड्यूटी से अलग रखने का अनुरोध किया था।
उस आदेश में तर्क दिया गया था कि मनरेगा एक समयबद्ध योजना है, जिसमें काम में देरी होने पर जुर्माने का प्रावधान है। नए आदेश के तहत पिछला पत्र वापस ले लिया गया है, जिसके बाद अब ग्राम रोजगार सेवकों, तकनीकी सहायकों और अन्य मनरेगा कर्मियों की चुनाव में ड्यूटी लगाने का अंतिम निर्णय बीडीओ ले सकेंगे।
पहले इस स्टाफ को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब बीडीओ द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद इन कर्मचारियों को मनरेगा के विकास कार्यों के साथ-साथ पंचायत चुनाव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करना होगा। ग्रामीण विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक सुरेंद्र मोहन ने खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि बीडीओ चुनावी व्यवस्था को देखते हुए आवश्यकता अनुसार ग्राम रोजगार सेवकों तथा अन्य मनरेगा स्टाफ की सेवाएं ले सकते हैं।


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