पुलिस जांच जारी, हत्या के पीछे की पूरी साजिश और मास्टरमाइंड की तलाश तेज
शिमला,ब्यूरो रिपोर्ट
संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की प्रशासक मनीषा मित्तल की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में सात दिन का पुलिस रिमांड पूरा होने के बावजूद जांच एजेंसियां हत्या की पूरी साजिश और इसके कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचने में सफल नहीं हो पाई हैं।
रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद सोमवार को पुलिस दोनों गिरफ्तार शूटरों को जिला अदालत में पेश करेगी और उनसे पूछताछ जारी रखने के लिए आगे की रिमांड की मांग कर सकती है।पुलिस ने इस हत्याकांड में हरियाणा के झज्जर निवासी आशीष अहलावत (22) और रोहतक निवासी दीपक उर्फ दीपक (25) को गिरफ्तार किया था। इन दोनों को वारदात को अंजाम देने के करीब 39 घंटे के भीतर हरियाणा से दबोच लिया गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई दो देसी पिस्तौलें और वारदात को अंजाम देने में प्रयुक्त कार भी बरामद की थी।पुलिस रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की गई। जांच एजेंसियों ने हत्या के पीछे की वजह, कथित तौर पर साजिश रचने वाले व्यक्ति, आर्थिक लेन-देन और वारदात की पूरी योजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल की।
हालांकि, अब तक पुलिस ने किसी भी कथित मास्टरमाइंड या साजिशकर्ता की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।जांच प्रक्रिया के तहत, पुलिस ने मृतका मनीषा मित्तल के परिजनों और अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की है। प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद और आपसी रंजिश जैसे पहलुओं के सामने आने की बात कही जा रही है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावित दिशाओं में जारी है और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।यह दुखद घटना 13 जून की शाम को संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के मुख्य गेट पर हुई थी, जब नकाबपोश हमलावरों ने मनीषा मित्तल पर गोलियां बरसाईं। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे शिमला शहर में भय और सनसनी का माहौल पैदा कर दिया था। मामले की जांच अभी भी जारी है और पुलिस जल्द से जल्द इस पूरी घटना के पीछे की सच्चाई का खुलासा करने का प्रयास कर रही है।

0 Comments