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भूस्खलन मे खतरे देख कर स्पीलो तक ही भेजी जा रहीं बसें

                                                भूस्खलन के खतरे को देखते हुए बसें स्पीलो तक ही भेजी जाती हैं, जब तक कि एनएच-505 पूह तक नहीं बहाल हो जाती।

शिमला , ब्यूरो रिपोर्ट

जनजातीय जिला किन्नौर में हजारों लोगों का संघर्ष अभी भी जारी है। एनएच-505 पूरी तरह से फिर से चालू हो गया है, लेकिन कई स्थानों पर भूस्खलन के खतरे को देखते हुए बसें स्पीलो तक ही चलती हैं। बसों की आवाजाही के लिए जिले की दो ग्रामीण सड़कें ही बहाल हो पाई हैं। 


किन्नौर जिले में भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन ठप्प है। बर्फबारी के नौ दिन बाद भी कल्पा, पूह और निचार खंड की दो दर्जन से अधिक सड़कें बंद हैं, जबकि पूह तक एनएच फिर से शुरू हो गया है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अभी भी ठप है। अब तक बसों की आवाजाही सिर्फ जिले की कल्पा और निचार सड़क पर ही बहाल हो पाई है, शेष सभी ग्रामीण सड़कों पर बर्फ के कारण बसों की आवाजाही नहीं हो रही है। 


यातायात व्यवस्था ठप होने से हजारों लोग अब भी परेशान हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग ने बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए 21 मशीनें और करीब 200 युद्धस्तर पर जुटे हुए कर्मचारी तैनात किए हैं। भारी बर्फबारी से सड़कों को ठीक करने में अधिक समय लगेगा। पूरे जिले के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी है। 


169 ट्रांसफार्मर अभी भी काम नहीं कर रहे हैं। परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक पियुष शर्मा ने बताया कि निगम की बसें रिकांगपिओ से शिमला और स्पीलो तक जा रही हैं। निगम की बसें कल्पा और निचार को छोड़कर सभी रूटों पर ठप पड़ी हैं। 


लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन भावानगर प्रमोद उप्रेति और एसडीओ कल्पा राकेश श्याम ने बताया कि बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए 21 मशीनें और 200 मजूदर लगाए गए हैं। भारी बर्फबारी के कारण सड़कों को फिर से तैयार करने में समय लगेगा।

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